NEET Exam 2024: विवेक बिंद्रा ने खड़े किए सवाल, सच हुई दोबारा एग्जाम की मांग
NEET UG 2024 Row: नीट यूजी 2024 को लेकर पूरे देश में हंगामा मचा हुआ है। चिकित्सा के क्षेत्र में कुछ करने की चाह रखने वाले छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। जैसे ही नीट 2024 के परिणाम जारी हुए बवाल मच गया और मामला सुप्रीम कोर्ट तक जा पहुंचा। इस बीच अब इस पूरे मामले में मशहूर मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. विवेक बिंद्रा की भी एंट्री हो गई है।
मोटिवेशनल स्पीकर विवेक बिंद्रा ने नीट के इस पूरे मामले में अपनी एक रिसर्च वीडियो अपलोड की है, जिसमें उन्होंने इस पूरे विवाद को बेहद अच्छे ढंग से समझाया है। साथ ही बताया कि आखिर कहां और कौनसी खामियां थी, जो अब यह रिजल्ट एक बड़ा विवाद बन चुका है।

दरअसल, 1500 से ज्यादा छात्रों को ग्रेस मार्क्स, 67 अभ्यर्थियों का टॉप करना साथ ही एक ही सेंटर के 6 उम्मीदवारों का टॉप करने वालों की लिस्ट में नाम सहित पेपर लीक के आरोपों ने इस परीक्षा को सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है। इस पूरे विवाद का खामियाजा छात्रों का उठाना पड़ रहा है।
अब इस मामले में NTA यानी नेशनल टेस्ट एजेंसी पर कई सवाल उठाए जा रहे हैं। ऐसे में विवेक बिंद्रा ने अपनी वीडियो में दावा करते हुए कहा कि उन्होंने एनटीए के अधिकारियों से बात की और कुछ अहम सवालों के जवाब ढूंढने का प्रयास किया।
बता दें कि NEET UG Exam 2024 में 24 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया, जो कि देशभर के 4750 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। हालांकि कुछ सेंटर्स पर एग्जाम के वक्त कमियां सामने आईं जैसे समय खराब, डमी कैंडिडेट्स और पेपर लीक। अब इस पूरे प्रकरण में विवेक बिंद्रा ने खासतौर पर टेस्ट एजेंसी के अधिकारियों से बात की तो खुलासा हुआ कि खुद एनटीए अब तक 40 से ज्यादा डमी कैंडिडेट्स को पकड़वा चुका है और पेपर माफियाओं के खिलाफ केस भी दर्ज करवाए हैं।
10 दिन पहले जारी किया रिजल्ट, कोई साजिश?
दरअसल, NEET का रिजल्ट 14 जून को जारी होने वाला था, लेकिन 10 दिन पहले यानी 4 जून को ही रिजल्ट घोषित कर दिया। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इसके पीछे भी कोई साजिश थी? जिसका जवाब में एनटीए की तरफ से कहा गया था कि रिजल्ट 14 जून या फिर उससे पहले कभी भी आ सकता है, लेकिन समझा ये गया कि रिजल्ट 14 जून को आएगा। जबकि रिजल्ट जल्दी आने की वजह केवल यही था कि सारा प्रोसेस जल्दी पूरा हो गया इसीलिए रिजल्ट भी जल्दी ही घोषित किया गया।
कैसे आएं 67 स्टूडेंट्स के 100% मार्क्स
सबसे बड़ा सवाल यह कि इतने बड़े एग्जाम में 67 छात्रों के अंक पूरे 100 फीसदी कैसे आ गए, जबकि बीते साल सिर्फ 2 ही स्टूडेंट्स यह कर पाए थे। इन 67 छात्रों में से 44 को उत्तर कुंजी विसंगतियों का फायदा मिला, जिसे छात्रों ने चैलेंज भी किया।
हालांकि एक्सपर्ट्स ने चैलेंजिंग सवालों के दोनों विकल्पों को सही माना, जिसकी वजह से इतने सारे छात्रों को ज्यादा मार्क्स हासिल हुए। 6 स्टूडेंट्स को लॉस ऑफ टाइम की वजह से कॉमपेंसेटरी मार्क्स दिए गए तो वहीं 17 स्टूडेंट्स ऐसे थे, जिन्होंने अपनी मेहनत से पूरे पूरे मार्क्स हासिल किए।
क्यों 1563 छात्रों को दिए गए ग्रेस मार्क्स ?
वहीं 1563 स्टूडेंट्स जिन्हें एग्जाम सेंटर की गलती के कारण ग्रेस मार्क्स दिए गए। इस पर विवेक बिंद्रा ने कहा कि छात्रों के साथ पूरी तरह से न्याय होना चाहिए, इसीलिए इन 1563 स्टूडेंट्स का फिर से एग्जाम करवाया जाना चाहिए। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों को लेकर बड़ा फैसला सुनाते हुए इन सभी 1563 छात्रों को फिर से एग्जाम देने का निर्देश दिया है। 23 जून री-एग्जाम शेड्यूल किया गया है।
ऐसे में अब इस परीक्षा के परिणाम और NTA पर जो सवाल उठे हैं वो अपने खुद ब खुद खत्म हो जाएंगे। हालांकि फिर भी किसी छात्र का इस पूरे मामले से जुड़ा कोई सवाल हैं तो वो एनटीए की ऑफिशियल ईमेल आईडी [email protected] पर ईमेल करके सवाल पूछ सकते हैं।












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