राफेल डील के बारे में सब बता देंगे तो सीमापार बैठे दुश्मनों को खुफियां एजेंसियों की क्या जरूरत: रक्षा राज्यमंत्री सुभाष भामरे
राफेल डील के बारे में सब नहीं बता सकते: रक्षा राज्यमंत्री सुभाष भामरे
नई दिल्ली। रक्षा राज्यमंत्री सुभाष भामरे ने राफेल जेट विमान की खरीद में घपले के आरोपों पर कहा है कि एयरक्राफ्ट के दाम एक बार नहीं कई बार बताए गए, इसके दाम यूपीए सरकार से कम हैं। भामरे ने कहा कि सभी बातें मीडिया में नहीं कही जा सकती, अगर एयरक्राफ्ट की सभी बातें मीडिया के सामने बता देंगे तो सीमापार बैठे दुश्मनों को अपनी खुफिया एजेंसियों को काम पर लगाने की जरूरत ही नहीं है। उन्होंने कहा कि एयरक्राफ्ट की जरूरत को पूरी करने के लिए यूपीए सरकार ने कदम नहीं उठाए और अब डील पर सवाल उठा रही है।

इससे पहले वायुसेना चीफ बीएस धनोआ ने भी राफेल डील पर एनडीए सरकार का समर्थन किया । राहत दी है। दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में धनोआ ने कहा कि राफेल और S-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम डील बूस्टर डोज के समान है। उन्होंने कहा कि सरकार जैसे ही S-400 एयर डिफेंस सिस्टम डील को मंजूरी देगी।
बता दें कि विपक्षी कांग्रेस लगातार राफेल डील में घोटाले की बात कहते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार पर निशाना साध रही है। कांग्रेस का कहना है कि इस डील में मोदी ने अपने पद का गलत इस्तेमाल करते हुए अरबों रुपए का फायदा अपने करीबी कारोबारी अनिल अंबानी को पहुंचाया है। कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी और दूसरे कई दल भी इस डील में एक बहुत बड़ी रकम के घपले की बात कह रहे हैं और जांच की मांग कर रहे हैं। हालांकि सरकार के लोग लगातार ये कह रहे हैं कि डील पारदर्शी तरीके से हुई है और इसमें कोई घपला नहीं है।
वहीं सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण और वाजपेयी सरकार में मंत्री अरूण शौरी और यशवन्त सिन्हा भी राफेल डील को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। भूषण और शौरी ने इसको लेकर सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा से मुलाकात भी की है और राफेल लड़ाकू विमान सौदा में भारी गड़बड़ी की बात कहते हुए जांच की मांग की है।












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