19 दिन के दूसरे Lockdown की योजना के पीछे हैं 3,23,000 से ज्यादा क्वारंटीन लोग
नई दिल्ली-कोरोना वायरस के खिलाफ जारी जंग में सरकार का अगला कदम इस बात पर निर्भर करेगा कि क्वारंटीन में रखे गए लोगों की रिपोर्ट अगले कुछ हफ्तों में कैसी आती है। इस वक्त देश के अलग-अलग हिस्सों में तीन लाख से ज्यादा लोगों को क्वारंटीन या आइसोलेशन की स्थिति में रखा गया है। ये लोग जिन जगहों पर हैं वहां किसी के आने-जाने की पूरी तरह से पाबंदी लगी हुई है। इसके जरिए सरकार अगले कुछ हफ्तों में उन लोगों को तो छांट ही लेगी जो कोविड-19 से संक्रमित पाए जाएंगे, साथ ही नए हॉटस्पॉट या कंटेन्मेंट जोन की पहचान करने भी मदद मिलेगी। 19 दिनों के दूसरे लॉकडाउन के लिए इन सारी बातों पर बहुत ही बारीकी से गौर किया गया है और पीएम मोदी ने 20 अप्रैल से जो चुनिंदा इलाकों में कुछ रियायतों की घोषणाएं की हैं, उसमें भी इनका बहुत बड़ा रोल रहने वाला है।

19 दिनों के लॉकडाउन की रणनीति के पीछे तीन लाख क्वारंटीन लोग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को जो बिना किसी छूट दिए लॉकडाउन को और 19 दिनों के लिए बढ़ाने की घोषणा की है, उसके पीछे सरकार की रणनीति उन लोगों पर नजर रखना है, जो इस वक्त देश के रेड जोन या हॉटस्पॉट वाले इलाकों में आइसोलेशन में हैं या जो कोविड-19 के लिए बनाए गए क्वारंटीन फैसिलिटी या अपने घरों ही क्वारंटीन में रखे गए हैं। एनडीटीवी ने एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के हवाले से ये जानकारी दी है। गृहमंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि 24X7 वॉर रूम से जुटाए गए आंकड़ों के हिसाब से देश में इस वक्त 3,23,000 से ज्यादा लोग या तो अपने घरों में आइसोलेशन में हैं या सरकारी क्वारंटीन फैसिलिटी में रखे गए हैं। गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'इन स्टैटिस्टिक्स के हिसाब से भारत को कोविड-19 के खिलाफ युद्ध स्तर पर तैयार रहना है। सभी राज्यों ने एकमत से लॉकडाउन बढ़ाने के लिए हामी भरी है और हमें उम्मीद है कि अगले दो हफ्तों में हम कुछ नए क्षेत्रों को अलग करेंगे। '

ऐसे पहुंचा है तीन लाख से ज्यादा क्वारंटीन का आंकड़ा
लॉकडाउन की वजह से सरकार को कंटेन्मेंट जोन की पहचान करने में मदद मिली है। उनके मुताबिक, 'राज्य सरकार के अधिकारी पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर नए क्षेत्रों की पहचान के लिए लगातार काम कर रहे हैं।' मंगलवार तक की लिस्ट के मुताबिक महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 66,311 लोग आइसोलेशन में थे और उसके बाद उत्तराखंड का स्थान है जहां सबसे ज्यादा लोग क्वारंटीन किए गए हैं। उत्तराखंड में अब तक सिर्फ 35 कोरोना वायरस के मामले सामने आए हैं, लेकिन वहां 373 आइसोलेशन वार्ड हैं और 55,793 लोगों को होम क्वारंटीन किया गया है। दोनों को मिलाकर वहां कुल 56,166 लोग क्वारंटीन किए गए हैं। इसी तरह गुजरात में 14,204, बिहार में 11,998, पंजाब में 10,064, कश्मीर में 9,598 लोग आइसोलेशन में रखे गए हैं।

बाकी राज्यों का ये है आंकड़ा
क्वारंटीन के नजरिए से राजस्थान इस वक्त देश का तीसरा राज्य है जहां सबसे ज्यादा लोगों को आइसोलेशन में रखा गया है। यहां ऐसे लोगों की तादाद 35,843 है, जिसके बाद यूपी का स्थान है, जहां 31,158 लोग अलग-अलग जगहों पर क्वारंटीन किए गए हैं। मसलन, गृह मंत्रालय के डेटा के मुताबिक यूपी में 8,836 लोग सरकारी ठिकानों पर क्वारंटीन हैं, जबकि 22,322 लोगों को होम क्वारंटीन किया गया है। उत्तर प्रदेश पहला राज्य है, जिसने अपने प्रदेश में 100 कंटेन्मेंट जोन की घोषणा की है। इसी तरह हरियाणा में 16,224 लोग अलग-अलग कंटेन्मेंट जोन में क्वारंटीन का समय गुजार रहे हैं। जबकि, झारखंड और दिल्ली में क्वारंटीन किए गए लोगों की संख्या लगभग बराबर है। मसलन, झारखंड में 15,548 लोगों को क्वारंटीन किया गया है, जबकि राजधानी दिल्ली में 15,327 लोगों को क्वारंटीन किया गया है। केरल में सिर्फ 800 के करीब लोगों को निगरानी में रखा गया है और पश्चिम बंगाल ने केवल 329 लोगों को क्वारंटीन सेंटर में रखने का डेटा भेजा है।

देश के 348 जिले कोरोना वायरस से बचे हैं
अगले एक हफ्ते में सरकार कोरोना वायरस के हॉटस्पॉट और जहां नए संक्रमण जोन बन रहे हैं, उनकी लिस्ट फाइनल करेगी। जानकारी के मुताबिक देश के 718 जिलों में 370 को कोविड-19 प्रभावित जिला माना गया है और इन इलाकों से आने वाले संक्रमण के आंकड़ों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। 20 अप्रैल तक सरकार इनमें से हर जिले, शहर और कस्बों पर गौर करेगी कि वो कोरोना संक्रमण को रोकने में किस हद तक कामयाब रहे हैं। बुधवार को जो सरकार ने छूट की गाइडलाइंस जारी किए हैं, यह उन्हीं इलाकों में लागू होंगे, जिन्हें कोरोना के लिए हॉटस्पॉट बनने का खतरा नहीं रहेगा। पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अपने संदेश में भी यह बात स्पष्ट तौर पर जाहिर कर दिया था।

लगातार बढ़ रहा है कोवि-19 केस का आंकड़ा
गौरतलब है कि बुधवार सुबह तक देश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों का आंकड़ा 11,439 तक पहुंच चुका था। इनमें से 377 लोगों की जान चली गई है, लेकिन राहत की बात है कि ठीक होने वालों का आंकड़ा भी लगातार बढ़ रहा है, जो 1306 तक पहुंच चुका है। उधर गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी से एक कोरोना संक्रमित कांग्रेस एमएलए के मुलाकात के बाद वहां के प्रशासन की चिंता बढ़ गई थी। लेकिन आज डॉक्टरों ने उनकी जांच की और बताया कि सीएम में अभी कोई लक्षण नहीं दिखाए दे रहे हैं। हालांकि, एहतियातन सीएम के घर पर किसी बाहरी व्यक्ति को जाने की इजाजत नहीं होगी।












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