मोदी के साथ चीन जाएंगे कुछ भारतीय ‘चीनी’ भी
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आगामी चीन यात्रा के दौरान उनकी टोली में कुछ भारतीय चीनी भी जा सकते हैं। मोदी 14-16 मई को चीन यात्रा पर रहेंगे। आप पूछ सकते हैं कि भारतीय चीनी क्या होता है? आपका सवाल वाजिब है। हम बात कर रहे हैं उन चीनी मूल के नागरिकों की जिनके पुरखे करीब 100 साल पहले भारत में आकर बस गए थे।

नई रिवायत
आजकल रिवायत सी बन गई है कि जब कोई प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति विदेश दौरे पर जाता है तो वह अपने साथ उस देश से संबंध रखने वाले नागरिकों को ले जाता है। इस साल के शुरू में जब अमेरिकी राष्ट्रपति भारत आए थे तो उनके साथ भी दो भारतीय मूल के अमेरिकी थे। कनाड़ा से जब भी कोई टोली आती है तो उसमें बहुत से भारतीय मूल के नेता और बिजनेसमैन रहते हैं।
तलाश जारी
नवाज शरीफ जब मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में आए थे तो उनके साथ कुछ हिन्दू नेता थे।समझता जा है कि विदेश मंत्रालय कुछ नामवर चीनी मूल के भारतीय नागरिकों को तलाश रहा है। इसमें दिल्ली की रणजी ट्राफी टीम के खिलाड़ी रहे एसएस ली और जोसेफ काक का नाम खास हैं।
कोलकाता के बिजनेसमैन
दिल्ली और कोलकाता के कुछ बिजनेसमैन भी तलाशे जा रहे हैं। इनके नामों पर अब किसी भी दिन फैसला हो जाएगा। बता दें कि एक परम्परा ये भी शुरू हो गई है कि प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति शी चिनफिंग जब विदेश दौरे पर जाते हैं तो वे वहां पर बसे अपने देश से संबंध रखने वाले लोगों से मिलते हैं।
चीन के राष्ट्रपति जब भारत आए थे तो दिल्ली में चीनी मूल के लोगों से चीनी दूतावास में मिले थे। दिल्ली में करीब 500 चीनी मूल के नागरिक बसे हुए हैं। हालांकि इनकी बड़ी आबादी कोलकाता में हैं। वहां पर चाइन टाऊन भी है।
तय होते मसले
इस बीच, मोदी की यात्रा पर ही विदेश मंत्रालय फोकस कर रहा है। वे मसले तय हो रहे हैं जिनपर मोदी को वहां के नेताओं से बात करनी है। बातचीत मुख्य रूप से सीमा मसले और व्यापारिक संबंधों के इर्द-गिर्द ही रहेगी।












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