मुसलमानों का टूटा-फूटा स्कूल बनाएगी मोदी सरकार
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) एक लंबे इंतजार के बाद कोई दिल्ली में कोई सरकार उस मुसलमानों के स्कूल की मरम्मत करवाने के लिए तैयार हो गई जिसे करीब साल पहले इमरजेंसी के दौर में तोड़ा गया था।
कसाबपुरा के कौमी सीनियर सेंकडरी स्कूल को तोड़ा गया था ताकि वहां पर जनता क्वार्टर बनाए जाएं। तब सरकार ने वादा किया था कि स्कूल को नए सिरे बनाया जाएगा। पर सरकार के वादे कभी पूरे नहीं हुए।
अब बनेगा स्कूल
अब दिल्ली के कुछ मुसलमानों ने मोदी सरकार में अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी से मुलाकात की। उस स्कूल के बारे में बताया तो मंत्री ने वादा किया कि उसकी मरम्मत उनका विभाग करवाएगा। फ्रेंड्स फार एजुकेशन का प्रतिनिधिमंडल शिक्षा विद् और महान स्वादीनता सेनानी मौलाना आजाद के पौत्र फिरोज बख्त अहमद के नेतृत्व में नकवी साहब से हाल ही में मिला था।
उन्होंने उस स्कूल के तोड़े जाने संबंधी वन इंडिया में छपी खबर भी मंत्री जी को दिखाई। उसके बाद उन्होंने कौमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल को तुरंत नए सिरे से बनाने के निर्देश दिए अपने विभाग के अफसरों को। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार मुसमानों के बीच शिक्षा की रोशनी को फैलाने को लेकर कृत संकल्प है।
30 जून,1975
कौमी सीनियर सेंकेडरी स्कूल की इमारत को 30 जून, 1976 को तोड़ा गया था। उसके बाद से ये बदनसीब स्कूल अस्थायी रूप से ईदगाह मैदान में शिफ्ट किया गया।
सिसोदिया से भी मिले
बख्त साहब ने हाल ही में वन इंडिया को बताया था कि वे कुछ समय पहले दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया से भी मिले थे। पर उन्होंने इस स्कूल की इमारत की मरम्मत कराने का कोई वादा नहीं किया। उसके बाद मुख्तार अब्बास नकवी से मिलने का वादा हुआ।
कौमी सीनियर सेंकेटरी स्कूल में करीब 90 फीसद बच्चे यहां के आसपास की मुस्लिम बस्तियों से होते हैं। ये बेहद गरीब परिवारों से संबंध रखते हैं। इस स्कूल की स्थापना 1948 में हुई थी।













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