लोकसभा में ओबीसी संशोधन बिल पेश, राज्यसभा में भी कांग्रेस का समर्थन
नई दिल्ली, 09 अगस्त: केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने लोकसभा में संविधान (127वां संशोधन) विधेयक 2021 पेश किया। अब इस बिल के माध्यम से राज्य सरकारें ओबीसी की लिस्ट तैयार कर सकेंगी यानी की ओबीसी से जुड़ी लिस्ट तैयार करने के लिए राज्यों को अधिकार देने वाला संविधान संशोधन बिल लोकसभा में पेश किया जा चुका है। हाल ही में मोदी कैबिनेट ने इस बिल पर मुहर लगाई थी। वहीं सरकार से टकराव के बीच ओबीसी विधेयक पर विपक्ष ने समर्थन दिया है।

संविधान संशोधन विधेयक जिससे राज्यों को अन्य पिछड़ा वर्ग की अपनी सूची बनाने का अधिकार देता है, उसको विपक्ष भी का समर्थन मिला है। जबकि एक संविधान संशोधन विधेयक को संसद में पारित होने के लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है, लेकिन विपक्ष के बोर्ड में आने से यह कोई मुद्दा नहीं होगा। कैबिनेट ने इस मुद्दे को उठाने का फैसला उस दौरान किया, जब सुप्रीम कोर्ट ने मई में मराठा आरक्षण मुद्दे पर सुनवाई के दौरान स्पष्ट रूप से कहा था कि सिर्फ केंद्र सरकार ही अन्य पिछड़ा वर्ग की एक सूची तैयार कर सकती है।
साल 2018 में पारित कानून पर अदालत ने कहा था कि ओबीसी सूची तैयार करने के लिए केवल केंद्र को शक्ति दी थी। अदालत ने कहा कि राज्य केवल सूची में शामिल करने के लिए कह सकते हैं। विधेयक के कानून बनने के बाद प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश को अपनी ओबीसी सूची तैयार करने की शक्ति होगी, जो केंद्रीय सूची से अलग हो सकती है।
बिल पर विपक्ष का पूरा साथ
इधर राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि संसद में 127वां संविधान संशोधन विधेयक 2021 सरकार लाने जा रही है। हम सभी विपक्षी पार्टियों के नेता और संसद सदस्य इस बिल का समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा कि बाकी के मुद्दे अपनी जगह हैं लेकिन ये मुद्दा पिछड़े वर्ग के लोगों और देश के हित में है। हम सबका फर्ज है कि गरीबों और पिछड़ों के हित में जो कानून आता है हम उसका समर्थन करें।












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