Cabinet Expansion: BPL मोबाइल के फाउंडर राजीव चंद्रशेखर कौन हैं, मोदी सरकार में मंत्री बने हैं
नई दिल्ली, 7 जुलाई: बुधवार को हुए नरेंद्र मोदी मंत्रिपरिषद के विस्तार में राज्यसभा सांसद राजीव चंद्रशेखर को राज्यमंत्री के तौर पर शपथ दिलाई गई है। वो कर्नाटक से तीन बार के राज्यसभा सांसद हैं। चंद्रशेखर वही टेक्नोक्रेट हैं, जिन्होंने अमेरिका के सिलिकन वैली से लौटने के बाद 1994 में भारत में बीपीएल मोबाइल की नींव डाली थी। यह एकमात्र संस्था नहीं है, जिसके वे फाउंडर हैं। उन्होंने कई संगठन स्थापित किए हैं और बीते तीन साल से भाजपा के थिंक टैंक में शामिल हो चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनावों में भी इनका बहुत ही अहम योगदान माना जाता है।

तीन बार से राज्यसभा सांसद हैं राजीव चंद्रशेखर
राजीव चंद्रशेखर मंत्री बनने से पहले तक बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता की भूमिका निभा रहे थे। वो पहली बार 2006 में ही राज्यसभा के लिए चुने गए। वह इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय की एडवाइजरी कमिटी में सदस्य भी थे। 2016 के केरल विधानसभा चुनाव के दौरान वो वहां पर एनडीए के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं और 2018 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान मीडिया और कम्युनिकेशन इंचार्ज का रोल भी निभा चुके हैं। 2006 से 2018 तक लगातार दो बार उन्होंने निर्दलीय सांसद के तौर पर राज्यसभा में कर्नाटक का प्रतिनिधित्व किया। फिर वे बीजेपी में शामिल हो गए। तीसरी बार भी उन्होंने बीजेपी के उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा का चुनाव जीत लिया।
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संसद में 2जी घोटाले का मुद्दा उठाने में आगे
पार्टी में राजीव चंद्रशेखर की क्या अहमियत है, इसका अंदाजा इसी बात से लगता है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में वो पार्टी के उस समिति के सदस्य थे, जिसने पार्टी का विजन डॉक्यूमेंट या मैनिफेस्टो तैयार किया था। बीते विधानसभा चुनाव में उन्होंने पुडुचेरी में पार्टी के सहप्रभारी की भूमिका निभाई थी, जहां पहली बार एनडीए की सरकार बनी है और भाजपा के विधायक भी मंत्री बने हैं। चंद्रशेखर उन पहले सांसदों में शामिल हैं, जिन्होंने मनमोहन सिंह सरकार के दौरान 2जी जैसे घोटालों की बात संसद में उठाई थी और आखिरकार वही घोटाले यूपीए सरकार के पतन का कारण बनीं।

एयर फोर्स ऑफिसर के बेटे हैं राजीव चंद्रशेखर
चंद्रशेखर के पिता एमके चंद्रशेखर मलयाली हैं, जो एयर कमोडोर थे और एयर फोर्स से रिटायर हुए हैं। राजीव चंद्रशेखर का जन्म अहमदाबाद में हुआ है, लेकिन पिता के एयरफोर्स में होने की वजह से वो पूरे भारत में रचे-बसे हुए हैं। चंद्रशेखर ने कंप्यूटर साइंस में एमएस की डिग्री ली हुई है और हावर्ड बिजनेस स्कूल से एडवांस्ड मैनेजमेंट प्रोग्राम भी कर चुके हैं। करियर की शुरुआत में उन्होंने अमेरिका के सिलिकन वैली में इंजीनियर के तौर पर काम किया था। उन्होंने मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद शिकागो के इलिनॉइस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से मास्टर्स किया था।

बीपीएल मोबाइल की स्थापना की
सिलिकन वैली से वापस आने के बाद 1994 में उन्होंने बीपीएल मोबाइल की स्थापना की थी। वे जुपिटर कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड के भी फाउंडर रहे हैं और उसके एडवाइजर भी हैं। इसके अलावा वे नम्मा बेंगलुरु फाउंडेशन के फाउंडर-ट्रस्टी भी हैं, जो कि नॉट-फॉर-प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन है। वे मीडिया, हॉस्पिटलिटी, टेक्नोलॉजी और इंटरटेंमेंट क्षेत्र से भी जुड़े हुए हैं। वे विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन के वाइस-चेयरमैन भी हैं और फ्लैग्स ऑफ ऑनर फाउंडेशन के भी संस्थापक हैं। यह एक नॉन-प्रॉफिट संगठन है जो सशस्त्र सेना के लिए आवाज उठाता है। संसद में भी वह इनसे जुड़े विषयों को उठाते रहे हैं।












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