फांसी दिये जाने के वक्त जेल में सभी कर्मचारियों-अधिकारियों के फोन किये गये थे सीज
नागपुर। 1992 में मुंबई ब्लास्ट में मारे गये सैकड़ों लोगों का आरोपी याकूब मेमन अब इस दुनिया में नहीं है। नागपुर की जेल में आज मेमन को सुबह 6.30 बजे फांसी दे दी दयी है। याकूब मेमन को फांसी दिये जाने के वक्त हर उस बात का ऐहतियात बरता गया।

जिससे किसी भी तरह की अव्यवस्था नहीं फैलने पाये। मेमन को फांसी दिये जाने के वक्त जेल के भीतर सारे कर्मचारियों से उनके मोबाईल फोन ले लिया गया था। जेल के भीतर सभी कर्मचारियों से उनके मोबाइल एहतियातन ले लिये गये था ताकि कोई भी फांसी की प्रक्रिया की किसी भी तरह को कोई फोटो नहीं ले पाये और ना ही उसकी फोटो ले पाये।
मेमन को फांसी दिये जाने के बाद यह काफी अहम हो जाता है कि किसी भी तरह की कानून व्यवस्था का माहौल नहीं बिगड़ने पाये। मेमन को फांसी दिये जाने पर आईबी ने एक रिपोर्ट दी है कि मेमन को फांसी दिये जाने के बाद डी ग्रुप किसी तरह की घटना को अंजाम दे सकती है।












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