असम में मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल, सीएम बोले- कोई नहीं छीन सकता हमारे अधिकार

नई दिल्ली। असम में शुक्रवार सुबह मोबाइल इंटरनेट सेवा को बहाल कर दिया गया है। यहां नागरिकता संशोधित कानून (सीएए) के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद 11 दिसंबर से इंटरनेट बंद था। इससे पहले ये खबर आई थी कि गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम सरकार को शाम 5 बजे तक इंटरनेट सेवाओं को बहाल करने का निर्देश जारी किया है। बता दें इस कानून के विरोध में यहां अभी भी प्रदर्शन जारी हैं।

मुख्यमंत्री ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री ने क्या कहा?

असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल का कहना कि मैं लोगों को सुनिश्चित करना चाहता हूं कि असम के लोगों का अधिकार कोई नहीं छीन सकता। हमारी पहचान और भाषा को कोई खतरा नहीं है। भाजपा के विधायकों ने सोनोवाल से गुरुवार को मुलाकात भी की थी। इस बीच इन विधायकों ने मुख्यमंत्री से लोगों के बीच भय और संदेहों को दूर करने के लिए तत्काल कदम उठाने का अनुरोध किया।

असम के सम्मान को नुकसान नहीं

असम के सम्मान को नुकसान नहीं

मुख्यमंत्री ने कहा, किसी भी तरीके से असम के सम्मान को नुकसान नहीं पहुंचेगा। हमारे पास हमेशा लोगों का समर्थन रहेगा और राज्य में शांति के साथ आगे बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री के आवास पर बैठक के बाद भाजपा विधायक पद्मा हजारिका ने पत्रकारों से कहा कि भाजपा के लगभग 14 विधायकों ने सीएम को बताया है कि इस कानून की वजह से लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को भी असम में बड़े पैमाने पर लोग सड़कों पर उतरे।

मंगलवार को ब्रोडबैंड सेवाएं बहाल हुईं

मंगलवार को ब्रोडबैंड सेवाएं बहाल हुईं

हालांकि मंगलवार को ब्रोडबैंड सेवाएं बहाल हो गई थीं लेकिन मोबाइल और इंटरनेट सेवा को बंद ही रखा गया। जिसके चलते मोबाइल और अन्य ऑनलाइन सेवाओं पर निर्भर लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोगों को ऑनलाइन रुपये निकालने या स्थानांतरित करने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।

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