गृह मंत्रालय ने मार्च, 2022 तक बढ़ाई NGO के एफसीआरए रजिस्ट्रेशन की तारीख
नई दिल्ली, 31 दिसंबर: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) के एफसीआरए पंजीकरण की तारीख 31 मार्च, 2022 तक बढ़ा दी है। शुक्रवार को मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है। 29 सितंबर 2020 से 31 मार्च 2022 के बीच जिन गैर सरकारी संगठनों के विदेशी योगदान विनियमन एक्ट (एफसीआरए) रजिस्ट्रेशन खत्म हो रहे है, उनकी वैधता को अब 31 मार्च, 2022 तक बढ़ा दिया गया है। अभी तक इसकी वैधता 31 दिसंबर, 2021 थी, जो आज खत्म हो रही है।

गृह मंत्रालय की ओर जारी नोटिस में कहा गया है कि गैर सरकारी संगठनों को जारी पंजीकरण प्रमाणपत्रों की वैधता को 31 मार्च 2022 तक बढ़ाने का फैसला किया है। ऐसे एनजीओ को होगा जिनके पंजीकरण की मान्यता 29 सितंबर 2020 से 31 मार्च 2022 के बीच खत्म हो रही है, उनको इससे फायदा होगा।
क्यों जरूरी है ये रजिस्ट्रेशन
बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय का ये फैसला मिशनरीज ऑफ चैरिटी के आवेदन को रद्द करने के पाच दिन बाद आया है। गृह मंत्रालय 25 दिसंबर को एफसीआरए पंजीकरण के नवीनीकरण के लिए मदर टेरेसा द्वारा कोलकाता में स्थापित मिशनरीज ऑफ चैरिटी' के आवेदन को खारिज कर दिया था। ऐसे मेंमिशनरीज ऑफ चैरिटी को इस नए आदेश का फायदा नहीं होगा। एनजीओ को विदेश से चंदा लेने के लिए एफसीआरए रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। एफसीआरए के तहत करीब 23 हजार गैर सरकारी संगठन पंजीकृत हैं।
क्या है एफसीआरए?
एफसीआरए संस्थाओं को विदेशों से मिलने वाले चंदे की देखरेख के लिए बनाया गया कानून है। इसे 1976 में बनाया गया था और 2010 में इसे संशोधित किया गया। एफसीआरए विदेशी दान लेने वाले सभी संगठनों, समूहों और गैर-सरकारी संस्थाओं पर लागू होता है। इन संस्थाओं के लिए एफसीआरए के तहत पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। शुरुआत में यह पंजीकरण पांच वर्षों के लिए होता है, जिसे सभी मानदंडों को पूरा करने पर रिन्यू करवाए जाने का प्रावधान है। पंजीकृत संस्थाएं सामाजिक, शैक्षिक, धार्मिक,आर्थिक और सांस्कृतिक प्रयोजनों के लिए विदेशों से योगदान ले सकते हैं।












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