Milkha Singh Love Story: कोलंबो में एक लड़की से मुलाकात ने बदल दी जिंदगी, 7 साल बाद उसी के साथ रचाई शादी
नई दिल्ली, 19 जून: भारत की शान फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह का शुक्रवार देर रात निधन हो गया। वो 3 जून को कोरोना पॉजिटिव होने के बाद चंडीगढ़ पीजीआई में भर्ती करवाए गए थे। इलाज के बाद उनकी रिपोर्ट निगेटिव भी आ गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। 91 साल के मिल्खा सिंह की जिंदगी संघर्षों से भरी रही। पाकिस्तान से पलायन कर भारत आना और फिर शून्य से शुरूआत कर देश की शान बनना बहुत बड़ी बात है। मिल्खा की जिंदगी जितनी ही चिलचस्प कहानी उनके लव लाइफ की भी है, जिसके बारे में बहुत कम लोग ही जानते हैं।
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वॉलीबॉल प्लेयर थीं पत्नी
दशकों पहले जब मिल्खा ने अपनी पत्नि निर्मल सिंह ने मुलाकात की थी, तो दोनों ने साथ जीने-मरने की कसमें खाई थीं, जो अंत में सच हुई। पांच दिन पहले निर्मल सिंह ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। मिल्खा भी उनसे ज्यादा दिन दूर नहीं रहे और उनका भी निधन हो गया। दोनों के मिलने की कहानी भी बहुत खास है। मिल्खा ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनकी पत्नी निर्मल कौर का भी जन्म पाकिस्तान के शेखपुरा में हुआ था, जो बंटवारे के बाद भारत आ गईं। फिर वो पंजाब की वॉलीबॉल टीम की कप्तान बनीं।

कोलंबो में हुई थी मुलाकात
1955 में श्रीलंका के कोलंबो में एक टूर्नामेंट आयोजित किया गया था, जिसमें मिल्खा बतौर एथलीट और निर्मल वॉलीबॉल टीम की कप्तान बनकर पहुंची। वहीं पर एक भारतीय बिजनेसमैन ने सभी खिलाड़ियों को खाने पर बुलाया। इसी पार्टी में मिल्खा और निर्मल की मुलाकात हुई, जिसने उनकी जिंदगी बदल दी। मिल्खा ने बताया था कि उस जमाने में किसी लड़की से बात करना भगवान से बात करने की तरह था। आमतौर पर लड़का-लड़की दूर से ही एक-दूसरे को देखकर हाय हैलो कर लेते थे।

हाथ पर लिखा फोन नंबर
मिल्खा और निर्मल ने उस पार्टी में एक दूसरे को पसंद कर लिया था। इसके बाद दोनों ने काफी बातचीत की। फ्लाइंग सिख काफी जिद्दी थे, ऐसे में उन्होंने उस दौरान ही ठान लिया था कि वो इस रिश्ते को आगे बढ़ाएंगे। इस वजह से वापस आते वक्त उन्होंने निर्मल के हाथ पर होटल का नंबर लिख दिया। कुछ दिन तक तो मामला शांत रहा, लेकिन फिर 1958 और 1960 में दोनों फिर एक-दूसरे से मिले। तब तक मिल्खा का नाम पूरे देश में छा गया था। इसके बाद दोनों की मुलाकात का सिलसिला आगे बढ़ा और उन्होंने शादी करने का फैसला लिया।

शादी में भी काफी मुश्किलें
मिल्खा और निर्मल ने अपने घर वालों के रिश्ते के बारे में बताया। शुरुआत में वो नहीं मानें, लेकिन 1962 में सबकी सहमति से दोनों शादी के बंधन में बंध गए। उनके एक बेटी है, जो पेशे से डॉक्टर हैं तो वहीं बेटा मशहूर गोल्फर है। मिल्खा के निधन से 5 दिन पहले निर्मल ने भी 85 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया था। आईसीयू में होने के चलते मिल्खा जिंदगी के हमसफर को अखिरी विदाई भी नहीं दे पाए।












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