लॉकडाउन नहीं खुलने पर पैदल घर की ओर निकले मजदूर, तय करेंगे 1000KM का सफर
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए देश में 21 दिनों के लॉकडाउन का ऐलान किया था। जिस वजह से महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में मजदूर फंस गए थे। वहीं फैक्ट्रियां और निर्माण कार्य बंद होने से बड़ी संख्या में मजदूर ऐसे हैं जिन्हें दो जून की रोटी भी नहीं नसीब हो रही। मजदूरों को उम्मीद थी कि 14 अप्रैल को पीएम मोदी लॉकडाउन खोल देंगे और वो अपने घर जा पाएंगे, लेकिन अब 3 मई तक बढ़े लॉकडाउन से उनकी उम्मीद पर पानी फिर गया है। ऐसे में एक बार फिर पैदल ही मजदूर अपने घरों की ओर रुख कर रहे हैं।

इन दिनों कुछ मजदूर नासिक और नागपुर से मध्य प्रदेश की ओर से जाते देखे जा सकते हैं। इन्हीं में से एक महिला ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से वो नागपुर में अपने परिवार साथ फंस गई थी। उन्हें उम्मीद थी कि 14 अप्रैल के बाद बसों का संचालन शुरू हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब वो, उनके पति और एक साल का बच्चा साइकिल से घर के लिए निकल पड़े हैं। वहीं पैदल घर के लिए निकले दूसरे मजदूर ने बताया कि लॉकडाउन नहीं खुलने की वजह से वो नासिक से अपने घर सतना के लिए पैदल निकला है। उसे 1000 किलोमीटर की दूरी तय करनी है। पांच दिन पहले उसने पैदल सफर शुरू किया था, अभी उसे छह दिन और लगेंगे।

यह भी पढ़ें: देश में COVID-19 केस बढ़ने में 40 फीसदी की आई कमी, बनाए गए 1919 कोरोना अस्पताल: स्वास्थ्य मंत्रालय
बांद्रा स्टेशन पर जुटी थी भीड़
हाल ही में लॉकडाउन को बढ़ाए जाने के बाद बड़ी संख्या में कामगार मजदूर बांद्रा स्टेशन पहुंच गए थे और ये सभी अपने घर वापस जाना चाहते थे। यहां जमा हुए मजदूरों का कहना था कि उनके पास खाने के लिए पैसा नहीं है, रोजगार नहीं है, लिहाजा उन्हें घर वापस भेजने का इंतजाम किया जाए। पुलिस की ओर से यह घोषणा भी की गई कि कोई ट्रेन नहीं चलने वाली है, बावजूद इसके जब लोग नहीं हटे तो पुलिस ने वहां लाठीचार्ज किया था।












Click it and Unblock the Notifications