Meghalaya Coal Mine Blast: मेघालय की अवैध कोयला खदान में विस्फोट-18 की मौत, मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख
Meghalaya Coal Mine Blast: मेघालय के ईस्ट जैंतिया हिल्स जिले में एक अवैध कोयला खदान में 5 फरवरी (गुरुवार) को हुए विस्फोट ने बड़ा हादसा पैदा कर दिया है। इस घटना में कम से कम 18 मजदूरों की मौत हो गई।
एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा को कॉल करके घटना का पूरा जायजा लिया। साथ ही बचाव और राहत कार्यों के लिए केंद्र से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रत्येक मृतक के परिजनों के लिए 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50,000 रुपये अनुग्रह राशि की घोषणा की। साथ ही घटना पर शोक व्यक्त किया। आइए, इस हादसे को समझते हैं - क्या हुआ, क्यों हुआ और आगे क्या?

Meghalaya Coal Mine Blast Reason: घटना क्या हुई: सुबह का विस्फोट और तत्काल मौतें
5 फरवरी 2026 को सुबह ईस्ट जैंतिया हिल्स के थांगस्काई गांव में एक अवैध कोयला खदान में संदिग्ध डायनामाइट विस्फोट हुआ। धमाके की चपेट में आने से 18 मजदूरों की मौत बताई जा रही है। विस्फोट इतना जोरदार था कि खदान के अंदर काम कर रहे मजदूरों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, मरने वाले ज्यादातर असम के निवासी थे, जिनमें से एक होजाई जिले का था। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे, लेकिन मौतों की संख्या बढ़ने की आशंका है क्योंकि डेथ टोल अभी अननोन है।
Meghalaya Coal Illegal Mining: अवैध खनन का पुराना सिलसिला
मेघालय में अवैध कोयला खनन एक बड़ी समस्या है, खासकर ईस्ट जैंतिया हिल्स जैसे इलाकों में जहां 'रैट-होल' माइनिंग आम है। यह घटना दिसंबर 2025 की एक पुरानी घटना से मिलती-जुलती है, जहां थांगस्को गांव में डायनामाइट ब्लास्ट से 2 मौतें हुई थीं। उस समय एक बांग्लादेशी और अशोक तमांग नाम के मजदूर की मौत हुई थी।
पुलिस ने तब अवैध खनन से इनकार किया था, लेकिन वायरल वीडियोज ने सवाल उठाए। मेघालय ह्यूमन राइट्स कमीशन (MHRC) ने जनवरी 2026 में जांच के आदेश दिए थे। एक्सपर्ट का कहना है कि डायनामाइट का इस्तेमाल चट्टानों को तोड़ने के लिए किया जाता है, जो अक्सर हादसों का कारण बनता है। राज्य में NGT के बैन के बावजूद अवैध माइनिंग जारी है, जिसमें प्रवासी मजदूरों का शोषण होता है।
Meghalaya Coal Blast Rescue Operation: रेस्क्यू ऑपरेशन- SDRF की मदद से सर्च जारी
हादसे के बाद मेघालय पुलिस ने तुरंत रेस्क्यू शुरू किया और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की मदद मांगी। बचाव दल खदान के अंदर फंसे मजदूरों की तलाश में जुटे हैं, लेकिन अंधेरा और असुरक्षित हालत से चुनौती बढ़ गई है। पुलिस ने अवैध खनन से कनेक्शन की जांच शुरू कर दी है, हालांकि शुरुआती रिपोर्ट्स में स्पष्ट नहीं है। रेस्क्यू में देरी से मौतों की संख्या बढ़ सकती है, जैसा पिछले हादसों में हुआ।
यह हादसा मजदूरों की सुरक्षा और अवैध खनन पर सवाल उठाता है। असम से आने वाले प्रवासी मजदूर अक्सर जोखिम भरे कामों में फंसते हैं। MHRC जैसी संस्थाएं जांच कर रही हैं, लेकिन लागू करने में कमी है। आर्थिक रूप से, अवैध खनन राज्य की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करता है, लेकिन मजदूरों की जान जोखिम में डालता है। सरकार को सख्त कदम उठाने की जरूरत है, जैसे माइनिंग रेगुलेशन और अल्टरनेटिव जॉब्स।
यह घटना मेघालय में खनन हादसों की चेन का हिस्सा है। अपडेट्स के लिए फॉलो करें। क्या अवैध खनन पर बैन प्रभावी हो रहा है? कमेंट्स में बताएं।












Click it and Unblock the Notifications