मिलिए राहुल की उस टीम से जिसने डुबोई कांग्रेस की लुटिया
नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व मंत्री और इस बार साउथ मुंबई से चुनाव हारने वाले मिलिंद देवड़ा ने चुनावों में कांग्रेस को मिली हार के लिए राहुल गांधी की सलाहकार टीम को जिम्मेदार बताया है।
मिलिंद के मुताबिक राहुल की टीम में जो लोग शामिल थे, उन्हें जमीनी हकीकत मालूम ही नहीं थी। मिलिंद के मुताबिक हार के लिए सिर्फ राहुल गांधी या फिर उनकी लीडरशिप को ही दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। मिलिंद ने साफ किया कि हार की वजह राहुल गांधी नहीं बल्कि उनके आसपास मौजूद कुछ लोग थे।
एक अंग्रेजी डेली को दिए इंटरव्यू में मिलिंद ने कहा कि राहुल गांधी को सलाह देने वाले लोग ठीक नहीं हैं। साथ ही मिलिंद यह कहने से भी पीछे नहीं हटे कि जो लोग सलाह लेते हैं, जिम्मेदारी उन्हें भी लेनी पड़ती है।
मिलिंद की मानें तो यह सिर्फ एक शख्स से जुड़ा सवाल नहीं है बल्कि उसके आस-पास मौजूद लोगों से भी यही सवाल पूछा जाना चाहिए। उन लोगों को भी हार की जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी।
मिलिंद की इस बात से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सत्यव्रत ने तो रजामंदी जाहिर की ही साथ ही प्रिया दत्त ने भी मिलिंद की इस बात को अपना समर्थन दिया। प्रिया ने कहा कि पार्टी के टॉप लीडर्स और जनता के बीच ठीक तरह से कम्यूनिकेशन ही नहीं हो पाया।
नतीजा कांग्रेस को इतिहास की सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा। प्रिया भी मुंबई की नॉर्थ सेंट्रल सीट से अपना चुनाव बेहतर रिकॉर्ड के बावूजद हार गई हैं।
राहुल की टीम में कोई मिशीगन यूनिवर्सिटी का पासआउट है तो कोई एसपीजी का शार्प शूटर लेकिन फिर भी राहुल की पार्टी का चुनावों में बुरा हश्र हुआ।
एक नजर डालिए राहुल गांधी की टीम में शामिल उन कुछ खास लोगों पर जो राहुल को सलाह देने का काम करते थे और जिन पर मिलिंद देवड़ा ने अपने इंटरव्यू में निशाना साधा है।

ऑक्सफोर्ड ग्रेजुएट
कुशल वर्तमान समय में राजीव गांधी विकास परियोजना के प्रोग्राम मैनेजर हैं। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट कुशल जब अपनी पढ़ाई कर रहे थे तब वह ऑक्सफोर्ड की स्टूडेंट यूनियन के उपाध्यक्ष थे। कुशल काफी सक्रिय ब्लॉगर हैं। किसी भी विषय में रिसर्च करने की उनकी रूचि खासतौर पर अर्थव्यवस्था में दलितों से जुड़े मसलों पर उनकी रिसर्च को देखकर राहुल गांधी का ध्यान कुशल पर गया।

चुनाव रणनीति के इंचार्ज
निर्वाचन रणनीति समिति के इंचार्ज डॉक्टर मोहन गोपाल पार्टी के फैसलों में अपनी एकेडमिक कार्यकुशलता के जरिए रायशुमारी करते हैं। इसके अलावा वह नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया यानी एनएसयूआई के अखिल भारतीय अध्यक्ष भी हैं। डॉक्टर गोपाल यूथ कांग्रेस के सदस्यों के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम तैयार करते हैं।

आइएएस अफसर
हैदराबाद के कोप्पुला राजू 1981 बैच के आइएएस अफसर हैं। उन्होंने राहुल की टीम में शामिल होने के लिए पिछले वर्ष जून में अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया था। फिलहाल वह कांग्रेस की पिछड़ी जातियों से जुड़ी कांग्रेस समिति के चेयरमैन हैं। राजू, राहुल के साथ अक्सर सफर करते हैं और पार्टी की राज्य ईकाईयों के नेताओं के साथ मुलाकात करने की जिम्मेदारी भी उनकी है। राजू को वर्ष 1987 में पूर्व गोदावरी जिले में कुछ नक्सलियों ने अपहरण कर लिया था।

इनवेस्टमेंट बैंकर
वर्ष 2003 में राजनीति में शामिल होने के लिए कनिष्क सिंह ने वर्ल्ड बैंक की अपनी नौकरी को अलविदा कह दिया था। इसके बाद कनिष्क ने दिल्ली विधानसभा चुनावों के समय प्रचार में शीला दीक्षित को मदद की और शीला ने चुनावों में एक विशाल जीत दर्ज की। इसके बाद वर्ष 2004 में उन्होंने राहुल गांधी की अमेठी सीट के लिए प्रचार की जिम्मेदारी संभाली और राहुल ने इस सीट पर अपनी विजय भी दर्ज की। पेशे से एक कंप्यूटर इंजीनियर कनिष्क ने व्हार्टन से एमबीए की पढ़ाई पूरी की है।

एसपीजी के शार्प शूटर
एसपीजी यानी स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप के शार्प शूटर रह चुके केबी बाइजू भी राहुल की टीम में शामिल हैं। बाइजू ही गांधी परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने की जिम्मेदारी संभालते थे। करीब तीन वर्ष पहले राजनीति में आने के लिए उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी। राहुल की टीम के वह काफी खास सदस्य हैं। जब कभी भी राहुल रैलियों या फिर दूसरे किसी मकसद से देश के किसी भी हिस्से का दौरा करते हैं तो बाइजू सुरक्षा इंतजामों पर नजर रखते हैं।

मिशीगन बिजनेस स्कूल से ग्रेजुएट
मिशीगन बिजनेस स्कूल से ग्रेजुएट सचिन राव उन सभी मसलों पर ध्यान देते हैं जो सर्वे से जुड़े होते हैं और साथ ही साथ वह यूथ कांग्रेस में भी अपना दखल रखते हैं।

पूर्व बैंकर और अब सोशल मीडिया टीम का हिस्सा
अलंकार सवाई राहुल की टीम का खास हिस्सा हैं क्योंकि वह टीम से जुड़े सभी डॉक्यूमेंट्स पर नजर रखते हैं और साथ ही राहुल की सोशल मीडिया टीम टीम की जिम्मेदारी भी संभालते हैं। इसके साथ ही सचिन की तरह अलंकार भी यूथ कांग्रेस से जुड़े मसलों को करीब से देखते हैं।

राहुल के मेंटर
राहुल गांधी की कोर टीम का एक अहम हिस्सा हैं कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह जो उन्हें कई मोर्चों पर सलाह देते हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जिन्हें दिग्गी राजा के नाम से जाना जाता है राहुल के मेंटर के तौर पर मशहूर हैं। सूत्रों की मानें तो राहुल उनकी हर बात पर ध्यान देते हैं।

राहुल की करीबी
मंदसौर से कांग्रेस की सांसद रही मीनाक्षी नटराजन राहुल गांधी की काफी करीबी मानी जाती है। राहुल अक्सर उनका जिक्र एक ऐसी राजनेता के तौर पर करते हैं जिन्होंने अपने दम पर अपना मुकाम हासिल किया है।












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