विदेश मंत्रालय ने बताया- दाऊद के सहयोगी फारूक टकला को कैसे लाया गया भारत
नई दिल्ली। मुंबई 1993 धमाकों में शामिल और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी फारूक टकला को गिरफ्तार कर टाडा अदालत ने 19 मार्च में सीबीआई हिरासत में भेज दिया है। इस बीच भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा है कि इस मामले में हम दुबई सरकार के संपर्क में थे और उन्होंने ही उसे निर्वासित किया है। गौरतलब है कि इससे पहले टकला को सीबीआई ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया था।

फारूक टकला के मामले में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, 'पासपोर्ट को जारी करने और रिन्यू करने का यह तरीका है। यह बहुत स्पष्ट है कि वह एक भगोड़ा है और वह भारत सरकार उसे चाहती थी। हम दुबई सरकार से संपर्क में थे और उन्होंने ने ही उसे निर्वासित किया है।' टकला दुबई से दाऊद इब्राहीम के अंतर्राष्ट्रीय कारोबार को संभाल रहा था और वह कई मामलों में वांटेंड थे, जिनमे हत्या, फिरौती, अपहरण आदि के मामले शामिल हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कोरियाई प्रायद्वीप गतिरोध लेकर कहा कि भारत सरकार इस क्षेत्र में बातचीत के जरिए ही शांति और स्थिरता लाने के लिए सभी कोशिशों का समर्थन करता है। उन्होंने कहा, 'हम आशा करते हैं कि इस प्रकार के प्रयास ही तनाव को कम करने में मदद करेगी और कोरियाई प्रायद्वीप में स्थायी शांति एवं समाधान के लिए मार्ग प्रशस्त करेगी।'
वहीं, बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा के निर्वासन के 60 साल पूरे होने पर आयोजित किए जा रहे कार्यक्रम को दिल्ली से धर्मशाला शिफ्ट कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि सरकार ने चीन के दबाव में आकर इस प्रकार का निर्णय लिया है। रवीश कुमार ने इस विवाद पर कहा, 'दलाई लामा एक धार्मिक नेता है और उन्हें भारत में पूजा जाता है। उनकी स्थिति में कोई बदलाव नहीं किया गया है। उन्हें यहां धार्मिक कार्यक्रम चलाने की आजादी है।'












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