विपक्ष ने कोविंद से बेहतर दलित उम्मीदवार उतारा तो समर्थन: मायावती
मायावती ने कहा है कि रामनाथ कोविंद को संघ से जुड़े होने की वजह से एनडीए ने राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाया है।
नई दिल्ली। एनडीए ने यूपी और दलित दोनों कार्ड खेलते हुए बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाया है उम्मीद की जा रही थी कि दलितों की राजनीति करने वाली बसपा चीफ मायावती रामनाथ कोविंद को समर्थन देंगी। लेकिन मायावती रामनाथ कोविंद का संघ से जुड़ा होना रास नहीं आ रहा है।

मायावती ने कहा है कि रामनाथ कोविंद को संघ से जुड़े होने की वजह से एनडीए ने राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाया है। उन्होंने कहा कि अच्छा होता की दलित समाज से किसी गैर राजनीतिक व्यक्ति को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया जाता। उन्होंने रामनाथ कोविंद को समर्थन देने की बात पर कोई ठोस जबाव नहीं दिया है। मीडिया की तरफ से पूछे गए सवाल के जबाव में उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी कोविंद की उम्मीदवारी का विरोध नहीं करती, ना ही अभी हम उनका समर्थन कर रही है।
मायावती ने रामनाथ कोविंद का खुलकर विरोध तो नहीं किया है लेकिन साफ किया है कि अगर विपक्ष किसी और बड़े दलित चेहरे का नाम अपने राष्ट्रपति उम्मीदवार के तौर आगे लाता है तो वो उस पर विचार कर सकती है। इसी बीच सूत्रों से खबर हैं कि विपक्ष पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को अपना उम्मीदवार बना सकता है। आपको बता दें कि रामनाथ कोविंद को एनडीए की तरफ से राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाए जाने के बाद कई दलों ने समर्थन का एलान किया है।












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