बॉलीवुड से टूटा एक और सितारा डिस्को डांसर,सौदागर जैसी फिल्मों के आर्ट डायरेक्टर का कोरोना से देहांत
मुंबई, 1 जून: कोरोना महामारी में बॉलीवुड के कई बड़े सितारें दुनिया को अलविदा कर गए। बॉलीवुड से एक और दुख भरी खबर सामने आई है। डिस्को डांसर , सौदागार, पकीजा समेत कई सुपरहिट फिल्मों के आर्ट डॉयरेक्टर मारूतिराव काले का कोरोना के संक्रमण के चलते देहांत हो गया। 92 वर्षीय काले ने मुबंई के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली।

मारूतिराव काले की बेटी कल्पना काले और मीना काले ने मीडिया को जानकारी दी कि उनके पिता 7 मई को कोरोना संक्रमित हो गए थे जिसके बाद "उन्हें मुम्बई के बांद्रा स्थित होली फैमिली अस्पताल में दाखिल कराया था. मगर उम्र के चलते वो कोरोना को मात नहीं दे सके और 26 मई को उनका निधन हो गया।
मारूरिराव की 'ईमान धरम' थी पहली फिल्म
स्वतंत्र आर्ट डायरेक्टर तौर पर काम शुरू करने वाले मारूरिराव की 'ईमान धरम' पहली फिल्म थी। इस फिल्म के बाद उन्होंने 'डिस्को डांसर', 'कसम पैदा करने वाले की', 'डांस डांस', 'कमांडो', 'अजूबा', 'सौदागर' जैसी कई सुपरहिट फिल्मों के लिए मुख्य आर्ट डायरेक्टर के तौर पर सेट्स डिजाइन किये थे। मारूतिराव काले ने 1991 में रिलीज हुई सुभाष घई की हिट फिल्म 'सौदागर' के लिए भी सेट्स डिजाइन किये थे1983 में प्रतिष्ठित 'लंदन फिल्म्स प्रोडक्शंस लिमिटेड' कंपनी ने बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर मारूतिराव काले की सेवाएं लीं थीं।
सुपरहिट फिल्मों के सेट तैयार डिजाइन किए थे
इसके अलावा मारुतिराव काले ने 'दीवार', 'रोटी कपड़ा और मकान', 'कभी कभी' 'दो अंजाने', 'रजिया सुल्तान', 'पाकिजा, 'शोर', 'पूरब और पश्चिम', 'मेरा साया', 'यादगार', 'जांबांज' जैसी फिल्मों के लिए बतौर असिस्टेंट आर्ट डायरेक्टर काम किया था. स्वतंत्र आर्ट डायरेक्टर के रूप से 'ईमान धरम' उनकी पहली फिल्म थी. जिसके बाद उन्होंने 'डिस्को डांसर', 'कसम पैदा करनेवाले की', 'डांस डांस', 'कमांडो', 'अजूबा', 'सौदागर' समेत अन्य सुपरहिट फिल्मों के सेट तैयार डिजाइन किए थे।
100 से भी ज्यादा फिल्मों के लिए बतौर आर्ट डायरेक्टर काम कर चुके हैं
बॉलीवुड के लिए 100 से भी ज्यादा फिल्मों के लिए बतौर आर्ट डायरेक्टर काम कर चुके काले पिछले दिनों कोरोना की चपेट में आए थे जिसके बाद उन्हें मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। आर्ट डायरेक्टर बनने से पहले मारूतिराव काले एक कार्पेंटर थे और बतौर कार्पेंटर उन्होंने कई फिल्मों के लिए काम किया था। उन्होंने 1960 में रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म 'मुगल-ए-आजम' के लिए भी बतौर कार्पेंटर काम किया था।












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