कैबिनेट से निकाले गए बीजेपी MLA ने कहा, सीएम मनोहर पर्रिकर नहीं लेते किसी की सलाह
नई दिल्ली। कुछ दिनों पहले ही गोवा के सीएम मनोहर पर्रिकर ने मंत्रिमंडल में शामिल दो मंत्रियों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया था। फ्रांसिस डिसूजा और पांडुरंग मडकईकर को ऐसे वक्त कैबिनेट से बाहर किया गया था जब सीएम पर्रिकर खुद दिल्ली के एम्स अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। वहीं, फ्रांसिस डिसूजा कैबिनेट से निकाले जाने से नाराज हैं और उन्होंने कहा कि वे अमेरिका से लौटने के बाद पार्टी की कोर कमिटी से इस्तीफा दे देंगे।

फ्रांसिस डिसूजा ने कहा कि ये आत्मसम्मान की लड़ाई है। मंत्रिमंडल से बाहर किए जाने से नाराज फ्रांसिस डिसूजा ने कहा कि पार्टी की 20 सालों तक ईमानदारी से सेवा करने का ये इनाम मिला है। उन्होंने कहा कि 15 अक्टूबर को भारत लौटने के बाद के वे गोवा बीजेपी की कोर कमिटी से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी कुछ ऑफर भी करेगी तो अब उसे वे स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर मेरा पार्टी में सम्मान नहीं है तो मुझे और कुछ नहीं चाहिए।
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फ्रांसिस डिसूजा ने कहा कि गोवा बीजेपी में कुछ लोग हैं उनको पार्टी से निकलवाने की कोशिश में साल 2012 से ही लगे थे। उन्होंने कहा कि लोगों ने 5 साल के लिए उन्हें चुना है इसलिए विधायक के पद से वे इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि ये सीएम का अधिकार है कि किसे कैबिनेट में रखते हैं और किसे निकालते हैं। उन्होंने कहा कि सीएम के फैसले में किसी का दखल नहीं है। मनोहर पर्रिकर के कामकाज के तरीके की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि वे किसी से सलाह नहीं लेते हैं। उन्होंने कहा कि वे अपने बेटे को कभी ये सलाह नहीं देंगे कि बीजेपी में शामिल हो।
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