Mann ki Baat में PM की 'सेंचुरी'! फडणवीस बोले- इतिहास रचा गया, रिकॉर्ड टूटे
Mann ki Baat कार्यक्रम में पीएम मोदी ने देशवासियों को 100वीं बार संबोधित किया। मासिक रेडियो कार्यक्रम का जनता पर क्या प्रभाव हो रहा है? इस थीम पर बीजेपी के कद्दावर नेताओं ने मन की बात की सराहना की। जानिए किसने क्या कहा

Mann ki Baat के 100 एपिसोड पूरे हो चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ने जब 100 एपिसोड वाला मील का पत्थर छुआ तो बीजेपी के तमाम कद्दावर नेता इसकी सराहना करते दिखे।
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने रिकॉर्ड कायम होने की बात कही। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कार्यक्रम को ऐतिहासिक बताया।
फडणवीस के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, भाजपा नेता पंकजा मुंडे समेत कई अन्य नेता भी मौजूद रहे। उन्होंने तस्वीरों के साथ ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।
बकौल फडणवीस, माननीय पीएम के रूप में नरेंद्र मोदी की Mann Ki Baat कार्य्रक्रम ने रिकॉर्ड तोड़ डाले। उन्होंने कहा कि रविवार को इतिहास रचा गया। विले पार्ले के केशवराव घैसास हॉल में मुंबई भाजपा अध्यक्ष शेलार आशीष, पराग आडवाणी समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, भारत की धरती पर 'मन की बात' ने एक सामाजिक क्रान्ति की है, जिससे कई सफल सामाजिक बदलाव हुए हैं। उन्होंने महिलाओं समेत कई सामाजिक हस्तियों के साथ 30 अप्रैल का एपिसोड सुना।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास में आज का दिन ऐतिहासिक है क्योंकि प्रधानमंत्री आम लोगों के साथ सीधा संवाद कर रहे हैं, जिसमें स्वच्छता से लेकर कई गंभीर मुद्दों पर चर्चा होती है।
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम Mann Ki Baat के 100वें एपिसोड पर कहा, ये कार्यक्रम सामाजिक-सांस्कृतिक संदेश का शक्तिशाली टूल है।
इस ऐतिहासिक मौके पर संयुक्त राष्ट्र की संस्था- यूनेस्को की प्रमुख Audrey Azoulay भी मन की बात कार्यक्रम में शरीक हुईं। पीएम मोदी ने कहा, मन की बात में मेक इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसी बातों पर चर्चा हुई जो इसकी विविधता दिखाता है।
विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर अमेरिका दौरे पर हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का भारत के लोगों के साथ इमोशनल कनेक्ट है, जो इस रेडियो कार्यक्रम को भी सफल बनाता है। इस मौके पर कई प्रवासी भारतीय भी मौजूद रहे।

गौरतलब है कि मई, 2014 में पीएम पद संभालने के बाद प्रधानमंत्री ने ऑल इंडिया रेडियो (AIR) की मदद से मासिक रेडियो कार्यक्रम की शुरुआत की। इसे रेडियो के अलावा दूरदर्शन पर भी सुना जा सकता है।
इंस्टीट्यूट फॉर कॉम्पिटिटिवनेस के चेयरमैन डॉ. अमित कपूर के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' से लोगों के व्यवहार में बदलाव आया है। कपूर ने कहा, प्रधानमंत्री ने लोगों से उन मुद्दों पर बातचीत की जो नागरिकों के लिए मायने रखते हैं।
गौरतलब है कि Institute for Competitiveness (IFC), एक्सिस माई इंडिया और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन की तरफ से 'मन की बात' के प्रभाव पर रिपोर्ट जारी की गई है।
शोध के नॉलेज पार्टनर 'एक्सिस माई इंडिया' के संस्थापक प्रदीप गुप्ता ने कहा कि पीएम मोदी की बातचीत के कारण लोगों को प्रभावित करने वाले मुद्दे अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग हैं। स्टडी के अनुसार, कई समुदायों ने प्रधानमंत्री के स्पष्ट आह्वान पर कार्रवाई की है।
उदाहरण के लिए, मध्य प्रदेश के बैतूल गांव में, लोग कोरोना टीका लगवाने को तैयार नहीं थे। हालांकि, जब पीएम मोदी ने उनसे सीधे इस बारे में बातचीत की तो कुछ ही दिनों के भीतर, ग्रामीणों के बीच भरोसा कायम होने और टीका लगने की खबर सामने आई।
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बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन में डिप्टी डायरेक्टर अर्चना व्यास के अनुसार, प्रधानमंत्री ने जिन विषयों पर बात की है इसका विश्लेषण किया गया। व्यास ने कहा कि मन की बात शहरी और ग्रामीण दोनों आबादी तक पहुंच चुकी है।
पारंपरिक और साथ ही डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग अद्वितीय और परिवर्तनकारी रहा है। लगभग 100 करोड़ लोगों ने मन की बात के कम से कम एक एपिसोड को देखा है। यह एक केस स्टडी है। कार्यक्रम 3 अक्टूबर 2014 को शुरू हुआ था।












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