Manmohan Singh Legacy: पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के 5 बड़े फैसले, जिसे कभी नहीं भुला पाएगा देश
Manmohan Singh Legacy: डॉ. मनमोहन सिंह लगातार दो बार 2004 से लेकर 2014 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। 26,सितंबर, 1932 को जन्मे डॉ. सिंह प्रधानमंत्री बनने से पहले देश के वित्त मंत्री, अर्थशास्त्री, नौकरशाह से लेकर रिजर्व बैंक(RBI) के गवर्नर तक की जिम्मेदारी निभा चुके थे।
देश की राजनीति में उनकी दो अलग-अलग जिम्मेदारियों के लिए ज्यादा चर्चा होती है और हमेशा होती रहेगी। एक तो जब वे पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव की सरकार में वित्त मंत्री थे,और दूसरा एक दशक तक यूपीए-एक और यूपीए-दो की सरकार का नेतृत्व करने के लिए। उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक और प्रशासनिक करियर में अनेकों बेहतरीन काम किए हैं। लेकिन, उनके 5 काम ऐसे हैं, जिन्हें आने वाले दशकों या सदियों तक भारत याद करेगा।

Manmohan Singh Legacy: 1) आर्थिक उदारीकरण (Economic Liberisation)
देश की अर्थव्यवस्था में आर्थिक उदारीकरण मनमोहन सिंह का सबसे बड़ा योगदान है। 1991 में भारत का राजकोषीय घाटा जीडीपी के 8.5 प्रतिशत के करीब था,भुगतान संतुलन घाटा बहुत विशाल था और चालू खाता घाटा भारत के जीडीपी के 3.5 प्रतिशत के करीब तक पहुंच गया था। देश उस समय भयंकर आर्थिक संकट से गुजर रहा था। उसी दौरान देश में आर्थिक उदारीकरण का दौड़ शुरू हुआ। देश की नीतियों में बदलाव शुरू हुए और देश की अर्थव्यवस्था दुनिया के लिए खुलनी शुरू हो गई। आज भारत की जो अर्थव्यवस्था है, इसका आधार उसी फैसले ने तैयार करना शुरू कर दिया था।
Manmohan Singh Legacy: 2) मनरेगा (Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act)
2005 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में ही देश में मनरेगा के तहत 100 दिनों के रोजगार की गारंटी कार्यक्रम की शुरुआत की गई। यह भारत का सबसे बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम है और गांवों के अकुशल मजदूरों को साल में 100 दिन की मजदूरी की गारंटी प्रदान करता है।
Manmohan Singh Legacy: 3) सूचना का अधिकार कानून (Right to Information Act)
सूचना का अधिकार कानून भी मनमोहन सिंह के कार्यकाल में ही साल 2005 में लागू किया गया। इसके तहत भारत के किसी भी नागरिक को शासन-प्रशासन से जानकारी प्राप्त करने का अधिकार मिला। इस कानून के तहत 'पब्लिक अथॉरिटी' को मांगी गई सूचना 30 दिनों के अंदर उपलब्ध करवाने की व्यवस्था है। अगर सूचना याचिकाकर्ता के जीवन या स्वतंत्रता से जुड़ा है तो 48 घंटे के अंदर उपलब्ध करवाना अनिवार्य है।
Manmohan Singh Legacy: 4) शिक्षा का अधिकार कानून (Right To Education Act)
शिक्षा का अधिकार कानून मनमोहन सिंह की सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल में 2 जुलाई, 2009 को लागू किया। इसके तहत 6 वर्ष से 14 वर्ष तक के बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। संविधान के आर्टिकल 21ए के तहत बच्चों को शिक्षा का यह अधिकार दिया गया है।
Manmohan Singh Legacy: 5) अमेरिका के साथ न्यूक्लियर डील
भारत और अमेरिका के बीच परमाणु संधि को 123 एग्रीमेंट के नाम से भी जानते हैं। यह एक सिविल न्यूक्लियर डील है, जिसपर भारत के तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह और अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत भारत ने अपने सभी सिविल और सैन्य परमाणु सुविधाओं को अलग करने का समझौता किया है और सभी सिविल न्यूक्लियर सुविधाओं को इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के सुरक्षा के दायरे में लाने पर सहमति दी है। इसके बदले में अमेरिका ने भारत के साथ सिविल न्यूक्लियर के क्षेत्र में पूरे सहयोग के लिए सहमति दी है।












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