बिहार में मांझी का लिटमस टेस्ट आज, बीजेपी बनेगी सहारा
पटना। आज बिहार की राजनीति के लिए काफी अहम दिन है, आज दिन में क्लीयर हो जायेगा कि बतौर सीएम मांझी अपना कार्यकाल पूरा करेंगे या नहीं क्योंकि आज उनका विधानसभा में शक्ति परिक्षण है। नीतीश कुमार के गले की फांस बने सीएम जीतन राम मांझी भाजपा के सहारे अपने नैया पार कराने के चक्कर में हैं।
19 तारीख की शाम को भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने एक संवाददाता सम्मेलन में क्लीयर करते हुए कहा, "भाजपा के सभी सदस्य सदन में मांझी सरकार के पक्ष में मतदान करेंगे। भाजपा एक महादलित का इस तरह अपमान होते नहीं देख सकती। व्हिप जारी कर दिया गया है लेकिन भाजपा सत्ता में हिस्सेदारी नहीं करेगी और न ही सरकार में शामिल होगी। भाजपा ने सदन में गुप्त मतदान करवाने की मांग भी की।"
गुप्त मतदान करवाने की मांग
इससे पहले बिहार विधानसभा में जद (यू) को मुख्य विपक्षी दल का दर्जा मिल गया। विधानसभा सचिवालय ने गुरुवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी। अधिसूचना के मुताबिक, जद (यू) के विधायक और पूर्व मंत्री विजय कुमार चौधरी को नेता प्रतिपक्ष का दर्जा दिया गया है। जिस पर भाजपा ने विरोध जताया और सदन अध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी की।
जद (यू) को मुख्य विपक्षी दल का दर्जा
इस बीच, जद (यू) ने पटना में एक संवाददाता सम्मेलन में मांझी खेमे पर विधायकों के खरीद-फरोख्त करने का न केवल आरोप लगाया, बल्कि सबूत के तौर पर एक ऑडियो भी जारी किया। उन्होंने राज्य के मौजूदा हालत के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया।
विधायकों के खरीद-फरोख्त का आरोप
मालूम हो कि बिहार विधानसभा का बजट सत्र आज से ही शुरू हो रहा है। सत्र के पहले दिन मांझी सरकार को बहुमत साबित करना है। मांझी के पक्ष में कितने विधायक खड़े होंगे, यह किसी को नहीं पता। मगर नीतीश खेमा 130 विधायकों के समर्थन का दावा कर रहा है।
नीतीश खेमे का 130 विधायकों के समर्थन का दावा
आपको बता दें कि 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में 10 सीटें रिक्त हैं। बहुमत साबित करने के लिए कुल 117 विधायकों की जरूरत है। 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में वर्तमान समय में जद (यू) के 111, भाजपा के 87, कांग्रेस के पांच, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के 24, निर्दलीय पांच तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के एक सदस्य हैं।













Click it and Unblock the Notifications