‘गाड़ी की चाबी नहीं है...’, मणिपुर मामले में बड़ा खुलासा- पुलिस के पास पहुंच गई थी महिलाएं मगर नहीं मिली मदद
मणिपुर में दो महिलाओं को नग्न परेड कराए जाने वाले मामले के लगभग एक साल के बाद अब एक नया खुलासा हुआ है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा प्रस्तुत आरोप पत्र में और अधिक परेशान करने वाली जानकारी सामने आई है।
CBI की चार्जशीट के अनुसार, भीड़ द्वारा जब कुकी-जोमी समुदाय की दोनों पीड़िताओं को परेड कराया गया, उसके ठीक पहले वो पुलिस की गाड़ी में बैठने में कामयाब हो गई थीं। लेकिन ड्राइवर ने गाड़ी स्टार्ट नहीं किया और उनसे कहा कि उनके पास गाड़ी की चाभी नहीं है।

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों महिलाओं ने पुलिस से वाहन में बैठाकर सुरक्षित जगह ले जाने का आग्रह किया था। इस दौरान पुलिस जिप्सी के अंदर दो अन्य पीड़ित पुरुष भी मौजूद थे।
रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस जिप्सी के अंदर ड्राइवर समेत दो पुलिसकर्मी उनके साथ थे और तीन से चार पुलिसकर्मी बाहर थे। एक पीड़िता ने पुलिसकर्मियों से वाहन चलाने का अनुरोध किया। लेकिन पुलिस जिप्सी के ड्राइवर ने गाड़ी चलाने से इनकार करते हुए कहा कि उनके पास कोई चाबी नहीं है।
चार्टशीट के मुताबिक पीड़ित महिलाएं बार-बार पुलिसकर्मियों से उनकी मदद करने की गुहार लगती रहीं लेकिन पुलिस ने कोई मदद नहीं की। इसके बाद जैसे ही वहां पर भीड़ पहुंची घटनास्थल पर मौजूद सभी पुलिसकर्मी वहां से चले गए, जिससे पीड़ित असुरक्षित हो गए। इसके बाद एक बड़ी भीड़ ने उन्हें जबरन वाहन से उतार दिया।
इसके बाद भीड़ ने दोनों ही महिलाओं को नग्न परेड कराई थी और उनके साथ यौन उत्पीड़न किया। दोनों महिलाओं में से एक की उम्र 20 और दूसरे की उम्र 40 साल थी। ये हिंसक घटना 3 मई 2023 को चुराचांदपुर जिले में हुई थी।
हालांकि इसका वीडियो जुलाई में वायरल हुआ था। इस वीडियो में भीड़ दो महिलाओं को बिना कपड़ों के परेड करा रही थी और उनके साथ छेड़छाड़ कर रही थी। इस वीडियो के आने के बाद देश भर में हंगामा मच गया था।
हिंदुस्तान टाइम्स ने पहले रिपोर्ट किया था कि लगभग 800-1000 की संख्या में भीड़ ने महिलाओं के परिवार के दो सदस्यों की भी हत्या कर दी थी। CBI ने अपने चार्जशीट में बताया कि इसके बाद कई और जगहों पर भी हिंसा हुई।
अक्टूबर में गुवाहाटी की एक विशेष अदालत के समक्ष 5 लोगों के खिलाफ चार्टशीट दायर किया गया। इसके अलावा एक नाबालिग भी इसमें आरोपी है। इन सभी को जुलाई में गिरफ्तार कर लिया गया था।
आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। इनमें सामूहिक बलात्कार, हत्या, महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराएं शामिल हैं।












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