Manipur violence: राहत शिविरों की व्यवस्था, विस्थापितों के पुनर्वास और पूजा स्थलों की सुरक्षा पर SC का जोर
Manipur violence: सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर में हुई हिंसा पर गहरी चिंता जताई है। अदालत ने सरकार से कहा है कि वह राहत, पुनर्वास और धर्म स्थलों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे।

मणिपुर हिंसा की जांच एसआईटी से कराने की एक याचिका पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने मणिपुर की घटनाओं पर कहा है कि सर्वोच्च न्यायालय हिंसा की वजह से वहां लोगों की जान जाने और संपत्तियों को पहुंचे नुकसान को लेकर बहुत ज्यादा चिंतित है।

हमारा प्राथमिक लक्ष्य लोगों की सुरक्षा, बचाव और पुनर्वास है-सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मणिपुर हिंसा से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि, 'हमारा प्राथमिक लक्ष्य लोगों की सुरक्षा, बचाव और पुनर्वास है।' सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से कहा है कि वो राहत शिविरों का विस्तृत ब्योरा दें।

विस्थापितों के पुनर्वास और धार्मिक पूजा स्थलों की सुरक्षा पर जोर
सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि भोजन, चिकित्सा को लेकर राहत कैंपों में पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध करवाई जाए। अदालत ने विस्थापित लोगों के पुनर्वास और धार्मिक पूजा स्थलों की सुरक्षा को लेकर सभी जरूरी सावधानियां बरतने को भी कहा है।

'विस्थापितों को उनके घरों में वापस लाना चाहिए'
सर्वोच्च अदालत ने कहा, 'विस्थापित लोगों के लिए क्या? उन्हें निश्चित तौर पर उनके घरों में वापस लाना चाहिए। धार्मिक स्थलों को भी निश्चित तौर पर सुरक्षित रखना होगा।' सीजेआई ने कहा, 'यह एक मानवीय मसला है। सरकार कार्रवाई कर रही है। हमें कोई संदेह नहीं है कि वो यह कर रही है, क्योंकि एसजी ने कहा है। आप अपनी चिंताओं को उचित तरीके से रख सकते हैं, ताकि ये कार्यवाही अस्थिरता की दूसरी वजह न बन जाए।'
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दो दिनों से हिंसा की घटना नहीं-सरकार
इससे पहले केंद्र और मणिपुर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में यह बात रखी थी कि कल और आज कर्फ्यू में ढील दी गई और दोनों ही दिन हिंसा की कोई घटना नहीं हुई। सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि शांति वार्ता चल रही है और हेलीकॉप्टरों और ड्रोन के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है।

उन्होंने कोर्ट से कहा कि राहत शिविर बनाए गए हैं और भोजन और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि कल कुछ घंटों के लिए कर्फ्यू में छूट दी गई थी।

अगली सुनवाई 17 मई को होगी
सुप्रीम कोर्ट ने इस बात का संज्ञान लिया कि सॉलिसिटर जनरल ने भरोसा दिया है कि याचिकाकर्ताओं की ओर से उठाई गई चिंताओं को दूर किया जाएगा और सक्रिय आधार पर सुधार के उपाय किए जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर अगली सुनवाई की तारीख 17 मई तय की है।












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