Manipur हिंसा के बीच शाह की तमिलनाडु यात्रा पर CM स्टालिन बोले, 2024 से पहले भाजपा 'माफी' मांग रही है
Manipur की हिंसा पर कठघरे में भाजपा की राज्य और केंद्र सरकार पर मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने तगड़ा हमला बोला। उन्होंने शनिवार को तमिलनाडु में भाजपा की पदयात्रा- का मजाक उड़ाया।
तमिलनाडु भाजपा प्रमुख के अन्नामलाई द्वारा पदयात्रा शुरू करने के मौके पर अमित शाह तमिलनाडु पहुंचे। इस पर आलोचना करते हुए स्टालिन ने कहा, भाजपा 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले "गुजरात और मणिपुर में किए गए पापों" की "माफी मांगने" का प्रयास कर रही है।

शुक्रवार को रामेश्वरम में यात्रा के शुभारंभ पर शाह के भाषण पर स्टालिन ने कई सवाल दागे। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि केंद्रीय मंत्री ने मणिपुर में "शांति यात्रा" आयोजित करने का साहस क्यों नहीं जुटाया। जो पिछले दो महीने से "जल रहा है।"
स्टालिन ने कहा, "अमित शाह तमिलनाडु आए। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं हम केंद्रीय मंत्रियों के ऐसे और दौरे देखेंगे। क्या अमित शाह किसी नई परियोजना की घोषणा करने या मदुरै में पहले से घोषित एम्स अस्पताल का उद्घाटन करने आए थे? वह पदयात्रा का शुभारंभ करने आये थे।
डीएमके चीफ ने शाह और भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा, यह कोई पदयात्रा नहीं है बल्कि गुजरात और मणिपुर में किए गए पापों के लिए माफी मांगने की यात्रा है।'' शाह ने डीएमके पर हमला बोलते हुए कहा था, उनका एकमात्र लक्ष्य स्टालिन के बेटे उदयनिधि को मुख्यमंत्री बनाना है।
DMK युवा विंग की एक बैठक में CM स्टालिन ने यह भी आरोप लगाया कि शाह और भाजपा तमिलनाडु में "दंगों" की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने भाजपा से द्रविड़ संगठन को "वंशवादी पार्टी" के रूप में ब्रांड करना बंद करने को कहा।
उन्होंने कहा, लोग वर्षों से एक ही तरह की आलोचना सुनकर पहले ही "थक गए" हैं। स्टालिन ने सवाल किया, क्या भाजपा के पास पदों पर राजनीतिक नेताओं के उत्तराधिकारी नहीं हैं? क्या ये सभी कल इस्तीफा दे देंगे? अगर मैं राज्यवार सूची पढ़ना शुरू करूं तो एक घंटा लग जाएगा।
स्टालिन ने गिरफ्तार किए गए उनके कैबिनेट मंत्री वी सेंथिल बालाजी को मंत्रिपरिषद में बनाए रखने के मुद्दे पर शाह को 'आत्मनिरीक्षण' करने की नसीहत भी दी। उन्होंने पूछा, क्या शाह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यह पूछने का साहस जुटाएंगे कि उन्होंने अदालतों द्वारा दोषी करार दिए गए लोगों को अपने मंत्रिमंडल में जगह क्यों दी है।
बकौल स्टालिन हर कोई जानता है कि भाजपा जांच एजेंसियों को वॉशिंग मशीन के रूप में उपयोग करती है। देश अपने राजनीतिक दुश्मनों को एजेंसियों के माध्यम से धमकाने और पार्टी में शामिल होने के बाद उन्हें साफ-सुथरे राजनेताओं में बदलने की भाजपा की चाल को जानता है।
मछुआरों के मुद्दे पर शाह की टिप्पणियों पर स्टालिन ने कहा कि जिस भाजपा ने विरोध के बावजूद 2014 में मोदी के शपथ ग्रहण के लिए तत्कालीन श्रीलंकाई राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे को आमंत्रित किया था, उसे द्रमुक और कांग्रेस की आलोचना करने का कोई "नैतिक अधिकार" नहीं है।
उन्होंने कहा, "जब यूपीए शासन के दौरान मछुआरों पर श्रीलंकाई नौसेना ने हमला किया गया था, तो मोदी ने इस मुद्दे को हल करने का वादा किया था। 2017 में, रामेश्वरम के एक मछुआरे की हत्या कर दी गई थी और क्या तब देश में आपकी सरकार नहीं थी?
बकौल स्टालिन, प्रधानमंत्री ने इस साल की शुरुआत में कहा था कि उनके शासन के दौरान 1,600 मछुआरों को रिहा किया गया है। क्या वह स्वीकार कर रहे हैं कि उनके शासन के दौरान 1,600 मछुआरों को गिरफ्तार किया गया था?"
पिता की तरह उदयनिधि ने भी शाह पर पलटवार किया। उन्होंने सवाल किया, बेटे जय शाह बीसीसीआई सचिव कैसे बने? "मुझे लोगों ने विधायक के रूप में चुना है। लेकिन जय शाह बीसीसीआई के सचिव कैसे बन गए? क्या वह देश के लिए खेले?"












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