Manipur Elections: दूसरे चरण के मतदान से पहले आपस में भिड़े भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ता, 13 वाहन क्षतिग्रस्त
मणिपुर विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले काकचिंग खुनौ में भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए।
इम्फाल, 3 मार्च। मणिपुर विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले काकचिंग खुनौ में भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। दोनों के बीच जमकर हाथापाई हुई। खबरों के मुताबिक बीती रात करीब 11.30 बजे हुई इस हिंसा में 8 दुपहिया और 4 पहिया वाहनों सहित कुल 13 वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।

भाजपा ने किया आचार संहिता का उल्लंघन
कांग्रेस ने गुरुवार को मणिपुर की भाजपा सरकार पर चुनाव को प्रभावित करने के लिए आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। बता दें कि मणिपुर में विधानसभा का चुनाव जारी है। पहले चरण का मतदान 28 फरवरी को खत्म हो चुका है जबकि दूसरे चरण के तहत 5 मार्च को वोट डाले जाएंगे। मणिपुर चुनावों में कांग्रेस के वरिष्ठ पर्यवेक्षक रमेश ने इस घटना को लेकर एक ट्वीट करते हुए कहा, 'मणिपुर में केंद्रीय गृह मंत्रालय और भाजपा राज्य सरकार द्वारा आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए संघर्ष विराम समझौते (एसओओ) के तहत प्रतिबंधित उग्रवादी समूहों को 1.2.22 को 15.7 करोड़ रुपये और 1.3.22 को 92.7 लाख रुपये जारी किए।'
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उन्होंने एक बयान जारी कर आरोप लगाया कि इन भुगतानों ने यह सुनिश्चित किया है कि पहले चरण में चराचंदपुर और कांगपोकपी जिलों में चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण नहीं रहे हैं। उन्होंने कहा की उग्रवादी समूहों को इस तरह की घूस देना से तेंगनौपाल और चंदेल जिले में होने वाला दूसरे चरण का चुनाव प्रभावित होगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा मणिपुर में वोटों को खरीद रही है, डर फैला रही है और मतदाताओं को डरा रही है। सत्ता में बने रहने के लिए वह किसी भी हद तक जा रही है। उन्होंने कहा कि यह दोहरे इंजन वाली भाजपा सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाता है कि ये भुगतान तब हुआ है जब राज्य सरकार के अधिकांश कर्मचारियों को दो महीने से वेतन नहीं मिला है, जब मिड डे मिल के रसोइयों को 18 महीने से सैलरी नहीं मिली है, जब पूर्व राज्य के अधिकांश सरकारी कर्मचारियों को पिछले छह महीनों से उनकी पेंशन नहीं मिली है, जब लगभग सभी पेंशनभोगियों को उनकी सेवानिवृत्ति का लाभ नहीं मिला है।












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