मणिपुर में भड़की हिंसा, अरम्बाई टेंगगोल' करेगा 10 दिन का बंद, Manipur violence से संगठन का क्या है कनेक्शन?
Manipur violence: मणिपुर में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) गुवाहाटी की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) द्वारा अरम्बाई टेंगगोल संगठन के नेता कानन की गिरफ्तारी के बाद फिर हिंसा भड़क उठी है। अब तक इस हिंसा में 11 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है।
इस हिंसा के बीच रविवार को मणिपुर के अरम्बाई टेंगगोल संगठन ने गिरफ्तार लोगों को बिना शर्त रिहाई की मांग करते हुए 10 दिनों के राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है। जानिए पूरा मामला क्या है और आखिर 'अरम्बाई टेंगगोल' संगठन क्या है जिसके नेता की गिरफ्तारी के बाद हिंसा भड़क उठी है? इसका मणिपुर हिंसा से कनेक्शन क्या है?

बता दें मैतेई समुदाय अरम्बाई टेंगगोल के नेता कानन को रविवार को इंफाल हवाई अड्डे पर 2023 की मणिपुर हिंसा से जुड़ी विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कानन को शनिवार को इंफाल से आरामबाई तेंगगोल के चार अन्य सदस्यों के साथ गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, सीबीआई के आधिकारिक बयान में केवल कानन की गिरफ्तारी की पुष्टि की गई है।
गुवाहाटी भेजा गया कानन
सीबीआई के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार मौजूदा कानून और व्यवस्था की स्थिति के कारण, इन मामलों का ट्रायल मणिपुर से गुवाहाटी ट्रांसफर कर दिया गया है। सीबीआई के अनुसार कानन को गुवाहाटी ले जाया गया है और पुलिस रिमांड के लिए अदालत के सामने पेश किया जाएगा।
कौन हैं ये कानन जिसके अरेस्ट होते ही भड़की हिंसा?
बता दें 3 मई 2023 की मणिपुर में दिल दहला देने वाली जातीय हिंसा के पीछे कानन और उसके संगठन का हाथ था। मैतेई नेता काननअरंबाई तेंगोल संगठन का प्रमुख सदस्य है और इसका समाज पर बड़ा प्रभाव है। कानन पर मणिपुर और उसके संगठन पर मणिपुर में हुई जातीय हिंसा को भड़काने का आरोप है। पुलिस सूत्रों के अनुसार कानन 2023 मणिपुर हिंसा में हुईं हत्या और जबरन वसूली के मामलों में शामिल था।
क्या है अरम्बाई टेंगगोल?
अरम्बाई टेंगगोल संगठन की शुरुआत 2020 में एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण समूह के रूप में हुई थी। 'अरम्बाई टेंगगोल' का शाब्दिक अर्थ "भाला फेंकने वाले घुड़सवार" होता है। इस संगठन को कंगलईपाक भी कहा जाता है, की विरासत और सनामही धर्म को बढ़ावा देने की बात करता था। इस संगठन का उद्देश्य मैतेई समुदाय की पहचान, संस्कृति और उसके अतीत को पुनर्जीवित करना है।
किसने गठित किया था अरम्बाई टेंगगोल संगठन?
अरम्बाई टेंगगोल संगठन की स्थापना मैतेई समुदाय के कुछ कट्टर युवाओं और परंपरावादी बुद्धिजीवियों ने मिलकर की थी। इनमें से कई पहले से ही मणिपुरी संस्कृति और सनामही धर्म के प्रचार-प्रसार से जुड़े हुए थे।
इस संगठन का मणिपुर हिंसा से क्या है कनेक्शन?
अरम्बाई टेंगगोल सांस्कृतिक संगठनके तौर पर शुरू किया गया ये संगठन राजनीतिक मामलों में हस्तक्षेत्र करने लगा और ये जल्द ही कट्टरपंथी सशस्त्र संगठन में बदल गया। 2024 को इस संगठन ने कंगला किले में एक अहम बैठक की जिसमें कई विधायकों को भी बुलाया था। 3 मई 2023 को जब मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदाय के जो बीच हिंसा हुई उस समय कुकी समुदाय के खिलाफ कथित तौर अरम्बाई टेंगगोल से जुड़े लोगों ने हिंसा भड़काई और मैतेई समुदाय के साथ मिलकर कुकी समुदायों के गांवों में आग लगाई और लूटपाट की।












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