त्रिपुरा: माणिक साहा ने ली दूसरी बार सीएम पद की शपथ, पीएम मोदी रहे मौजूद
माणिक साहा ने आज अगरतला के स्वामी विवेकानंद मैदान में लगातार दूसरी बार त्रिपुरा के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है।

Tripura CM Manik Saha Oath: त्रिपुरा में लगातार दूसरी बार सरकार बनाने के बाद बीजेपी ने फिर से सत्ता की कमान माणिक साहा को सौंपी हैं। माणिक साहा ने अगरतला के स्वामी विवेकानंद मैदान में लगातार दूसरी बार त्रिपुरा के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा भी शामिल हुए।
त्रिपुरा की सत्ता में बहुमत के साथ वापसी करते हुए बीजेपी ने दमदार वापसी की। बीजेपी ने कुल 60 सीटों में से 32 पर कब्जा जमाते हुए सरकार बनाई है। जिसके बाद माणिक साहा ने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री के रूप में दूसरी बार शपथ ली। सोमवार को हुई बीजेपी विधायक दल की बैठक में माणिक साहा के नाम पर सहमति बनी थी।
इन नेताओं ने की मंत्री के रूप में शपथ
माणिक साहा ने सीएम पद की शपथ ली। वहीं रतन लाल नाथ, प्राणजीत सिंघा रॉय, सनातन चकमा, सुशांत चौधरी, टिंकू रॉय, बिकास देबबर्मा, सुधांशु दास और सुक्ला चरण नोआतिया ने मंत्रियों के रूप में शपथ ग्रहण की।
पीएम मोदी, अमित शाह हुए शामिल
शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी अगरतला के स्टेडियम पहुंचे। जहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मौजूद धे।
राज्यपाल से की थी मुलाकात
इससे पहले मुख्यमंत्री माणिक साहा ने सोमवार को राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य से मुलाकात कर राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश किया था। विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से विधायक दल के नेता के लिए माणिक साहा का नाम प्रस्तावित किया गया।
राज्यसभा सांसद के बाद मिला सीएम का पद
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डेंटिस्ट से राजनेता बने माणिक साहा दूसरी बार मुख्यमंत्री बने हैं। मुख्यमंत्री बनने से पहले साहा राज्यसभा सांसद और त्रिपुरा में पार्टी के अध्यक्ष थे। डेंटल सर्जन साहा 2016 में कांग्रेस छोड़ने के बाद भाजपा में शामिल हुए थे। उन्हें 2020 में पार्टी प्रमुख बनाया गया और मार्च 2022 में राज्यसभा के लिए चुना गया।
त्रिपुरा के चुनाव परिणाम
आपको बता दें कि पूर्ण बहुमत के साथ बीजेपी ने त्रिपुरा की सत्ता में वापसी की है। चुनाव में कुल 60 सीटों में से भाजपा ने 32 जीतीं। वहीं टिपरा मोथा पार्टी 13 सीटें जीतकर दूसरे नंबर पर रही। वाम को 11 सीटें मिलीं जबकि कांग्रेस को सिर्फ 3। आईपीएफटी एक सीट जीतने में सफल रही।












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