महाराष्ट्र: कौन हैं बालासाहेब थोराट, जिन्हें प्रोटेम स्पीकर बनाने की विपक्ष की तरफ से की गई है मांग?
मुंबई। महाराष्ट्र में चल रहे सियासी संकट के बीच आज सुप्रीम कोर्ट ने फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि बुधवार को महाराष्ट्र विधानसभा में फ्लोर टेस्ट कराया जाए और इसका लाइव प्रसारण किया जाए। ऐसे में फ्लोर टेस्ट से पहले विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर की भूमिका काफी अहम हो जाती है। यही वजह है कि विपक्ष लगातार अपने नेता को प्रोटेम स्पीकर बनाने की मांग कर रहा है। विपक्ष मांग कर रहा है कि बालासाहेब थोराट को विधानसभा का प्रोटम स्पीकर बनाया जाए।

प्रोटेम स्पीकर बनाने की मांग
बता दें कि शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस की तरफ से बालासाहेब थोराट को प्रोटेम स्पीकर बनाने की मांग की गई है। इस बाबत प्रदेश के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पत्र भी लिखा गया है। इस पत्र में विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए बालासाहेब थोराट को प्रोटेम स्पीकर बनाए जाने की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट ने आज अपने फैसले में कहा कि संसदीय परंपराओ का पालन किया जाए।

क्यों अहम है प्रोटेम स्पीकर का पद
गौरतलब है कि बालासाहेब थोराट प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हैं और वह विधायक दल के नेता हैं। वह महाराष्ट्र में आठवीं बार विधानसभा में चुनकर पहुंचे हैं। वह सबसे वरिष्ठ विधायक हैं और आजतक कभी भी चुनाव नहीं हारे हैं। दरअसल विपक्ष इसलिए भी अपने प्रोटेम स्पीकर की मांग कर रहा है क्योंकि जबतक विधानसभा के स्थायी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चयन नहीं हो जाता है तब तक सदन के तमाम कामकाज का जिम्मा प्रोटेम स्पीकर के जिम्मे होता है। यानि सदन को चलाने की जिम्मेदारी प्रोटेम स्पीकर की होती है।

कल होगा फ्लोर टेस्ट
अभी तक की परंपरा की बात करें तो सदन के सबसे वरिष्ठ और अनुभवी सदस्य को ही प्रोटेम स्पीकर बनाया जाता है। प्रोटम स्पीकर तभी तक अपने पद पर बने रह सकते हैं जबतक कि स्थायी स्पीकर का चयन नहीं हो जाता है। बता दें कि बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद महाराष्ट्र विधानसभा में फ्लोर टेस्ट कराया जाएगा, जिसपर हर किसी की नजर होगी।












Click it and Unblock the Notifications