एनसीपी-कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर विधायकों में नहीं कोई मतभेद: शिवसेना
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर चल रही रस्साकस्सी के बीच खबरें सामने आई थी कि शिवसेना के खेमे में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। खबर सामने आई थी कि पार्टी के 17 विधायक नाराज चल रहे हैं, जिन्हें मनाने की कोशिश की जा रही है। लेकिन इस खबर को शिवसेना की ओर से खारिज कर दिया गया है। शिवसेना नेता एकनाथ शिंद ने कहा कि पार्टी के भीतर किसी भी तरह का विरोध नहीं है और यह सिर्फ अफवाह है।

अफवाह
बता दें कि इस तरह की खबर सामने आई थी कि पार्टी के विधायक सरकार बनाने के लिए कांग्रेस और शिवसेना के साथ जाने के लिए तैयार नहीं हैं। लेकिन एकनाथ शिंदे ने इन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि विधायकों के नाखुश होने की खबरें बिल्कुल बेबुनियाद है, यह षड़यंत्र है। हम अनुशासित पार्टी हैं और हमे अपने नेता उद्धव ठाकरे पर पूरा भरोसा है।
उद्धव ठाकरे लेंगे फैसला
प्रदेश में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही उठापटक पर शिंद ने कहा कि हम सभी चाहते हैं कि उद्धव ठाकरे प्रदेश के मुख्यमंत्री बनें, लेकिन इसे लेकर जो भी फैसला लिया जाना है वह उद्धव ठाकरे जी ही लेंगे। पार्टी ने उद्धव ठाकरे को यह फैसला लेने के लिए पूरी तरह से अधिकृत किया है। बता दें कि महाराष्ट्र में शिवसेना ने भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन उसने भाजपा से मुख्यमंत्री पद को लेकर किनारा कर लिया और एनसीपी व कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने की कोशिशों में जुटी है।
अगले महीने हो सकता है सरकार का गठन
सूत्रों की मानें तो कांग्रेस और एनसीपी शिवसेना को मुख्यमंत्री का पद देने के लिए तैयार हैं। लेकिन उपमुख्यमंत्री का पद दोनों ही पार्टियों के पास होगा। हालांकि गठबंधन की शर्तें अभी फाइनल नहीं हुई हैं। माना जा रहा है कि तीनों ही दल दिसंबर के पहले हफ्ते में सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में 21 अक्टूबर को मतदान हुए थे, जबकि 24 अक्टूबर को चुनाव के परिणाम घोषित किए गए थे। प्रदेश की कुल 288 विधानसभा सीटों में से 105 सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी, जबकि शिवसेना के खाते में 56 सीटें आई थीं। वहीं एनसीपी ने 54 तो कांग्रेस ने 44 सीटें जीती थी।












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