Maharashtra Election: महाराष्ट्र में BJP प्रचंड जीत के पीछे 2 साइलेंट रणनीतिकार! कैसे MVA को पछाड़ा?
Maharashtra Results 2024: महाराष्ट्र में बीजेपी की प्रचंड जीत इस बार पहली जीत है, जिसमें पार्टी को 125 सीटें मिलती दिख रही हैं। मुकाबला सीधा कांग्रेस से रहा। क्योंकि बीजेपी ने महाराष्ट्र की क्षेत्रीय पार्टियों के बीच फूट का सीधा लाभ उठाया। महाराष्ट्र चुनाव 2024 में बीजेपी के लिए इतनी बड़ी जीत ऐसे में समय हासिल करना एक बड़ी चुनौती से कम नहीं रहा, जबकि दो मजबूत क्षेत्रीय दल पार्टी के साथ हों। ऐसे में सीट बंटवारे से लेकर चुनावी घोषणा पत्र तक हर कदम उठाने में एक परिपक्क्व राजनीति की परिचय दिया गया। बीजेपी के लिए ठोस रणनीति बनाने के लिए दो दिग्गजों ने नाम आगे रहे, हालांकि ये पर्दे पीछे से काम कर रहे थे।
महाराष्ट्र में एवीएम के सत्ता में आने के बाद बीजेपी ने सत्ता में आने के मुश्किल राहों कैसे आसान किया इसके पीछ महाराष्ट्र की तेजी से बदलती राजनीति और पार्टी मजबूती स्ट्रेटजी काम आई। हालांकि लोकसभा चुनाव में इस बार बीजेपी को महाराष्ट्र में नुकसान हुआ लेकिन स्थिति एक बार फिर से संभाली गई।

महाराष्ट्र में बीजेपी की जीत के पीछे एक ठोस रणनीति का दावा किया जा रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लग जाता है कि जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 10 नवंबर को मुंबई में भाजपा का घोषणापत्र जारी किया, तो पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं ने मंच पर नहीं होने का फैसला किया, बल्कि वे दर्शकों की पंक्तियों में बैठे, जिससे भाजपा के राज्य नेताओं को गौरव का क्षण मिला।
हालांकि केंद्रीय मंत्रियों, भूपेन्द्र यादव और अश्विनी वैष्णव की हमेशी से एक अलग पॉलिटकल स्ट्रेटजी रही है, जिससे वे जनता के बीच करीब से जुड़ते हैं। ये दोनों बहुत कम बोलते हुए, पर्दे के पीछे ऐसे काम करने में माहिर हैं और इसी स्किल का बीजेपी ने भरपूरी प्रयोग किया।
पिछले ई हफ्तों तक अश्विनी वैष्णव और भूपेंद्र यादव मुंबई में डेरा डाले रहे। इस दौरान उन्होंने भाजपा की रणनीति को जमीनी स्तर नजदीकी से देखा और परिस्थितियों के मुताबिक बदलाव किया। बता दें कि बीजेपी ने वैष्णव और भूपेंद्र यादव को जून में महाराष्ट्र का प्रभारी बनाया था, जब लोकसभा चुनाव में हार के बाद महाराष्ट्र में बीजेपी को कोई मौका नहीं दे रहा था।
भाजपा यादव और वैष्णव को सरकार में और राजनीतिक रणनीतिकारों के रूप में सफल प्रदर्शन करने वालों के रूप में देखती है। जहां चुनावी रणनीतिकार के रूप में यादव का पुराना हाथ रहा है, उन्होंने उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों को भाजपा की झोली में डाला, वहीं वैष्णव सह-प्रभारी के रूप में पार्टी के लिए मध्य प्रदेश में जीत हासिल करने के बाद सुर्खियों में आए हैं। वास्तव में, यह यादव और वैष्णव की वही 'हिट टीम' है, जिसे पिछले साल मध्य प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जब पार्टी लगभग दो दशकों तक शासन करने के बाद राज्य में अपनी स्थिति मजबूत करती दिख रही थी।
एमपी में भी ये जोड़ी ने निभाया था बड़ा रोल
कई लोगों ने प्रचार अभियान की शुरुआत में मध्य प्रदेश में भी भाजपा को 60 से अधिक सीटें नहीं दी थीं। लेकिन अंततः भाजपा विधानसभा की कुल 230 सीटों में से 163 सीटों के बड़े बहुमत के साथ समाप्त हुई। महाराष्ट्र में परिणाम मध्य प्रदेश की जीत को दोहराया है। महाराष्ट्र में भाजपा के इतिहास में पार्टी की ये सबसे बड़ी जीत है।












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