महाराष्ट्र के सियासी संकट के बीच कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे का बड़ा बयान
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर उठापटक का दौर जारी है। प्रदेश में चुनाव के नतीजे 24 अक्टूबर को घोषित किए गए थे, लेकिन अभी तक प्रदेश में नई सरकार की स्थिति साफ नहीं हो सकी है। एक तरफ जहां सबसे बड़े दल भाजपा ने सरकार बनाने से इनकार कर दिया है और कहा है कि हमारे पास संख्या बल नहीं है। तो दूसरी तरफ गेंद अब शिवसेना के पाले में है। प्रदेश के राज्यपाल ने दूसरे सबसे बड़े दल शिवसेना को सरकार बनाने का न्योता दिया है। ऐसे में शिवसेना तमाम सियासी दांवपेंच अपनाने में जुटी है, जिससे कि वह संख्या बल का इंतजाम कर ले।

इन तमाम कोशिशों के बीच शिवसेना के लिए अब कांग्रेस और एनसीपी का साथ सरकार बनाने के लिए काफी अहम हो गया है। इन सब के बीच वरिष्ठ कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि आज सुबह 10 बजे हमारी पार्टी के आला कमान की बैठक है। हमे पार्टी आलाकमान की ओर से जो निर्देश दिया जाएगा हम उसके हिसाब से आगे बढ़ेंगे। लेकिन हमारी मूलभूत स्थिति बिल्कुल साफ है, लोगों ने हमे विपक्ष में बैठने का जनमत दिया है, लिहाजा मौजूदा समय में हम इसी के पक्ष में हैं।
वहीं एनसीपी ने शिवसेना को समर्थन देने के लिए अपनी शर्त सामने रखी है। एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा कि एनसीपी को शिवसेना की ओर से किसी भी तरह का प्रस्ताव सरकार के गठन के लिए समर्थन देने को लेकर नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि जबतक शिवसेना एनडीए गठबंधन से अलग नहीं होती है, हम इंतजार करेंगे और प्रदेश के घटनाक्रम पर नजर बनाए रखेंगे। मलिक ने कहा कि अगर शिवसेना प्रस्ताव लेकर आती है तो उसके लिए कुछ शर्ते हैं। पहला उन्हें केंद्र सरकार से अलग होना होगा और शिवसेना के मंत्रियों को केंद्र सरकार से इस्तीफा देना होगा, दूसरा एनडीए के साथ गठबंधन को खत्म करके भाजपा से पूरी तरह से अपने रिश्ते खत्म करने होंगे।












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