मुख्यमंत्री शिवसेना का ही होगा, महाराष्ट्र का चेहरा और राजनीति दोनों बदल रहे हैं- संजय राउत
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं। राज्य सरकार के गठन को लेकर महाराष्ट्र का दंगल दिल्ली पहुंच चुका है। सोमवार को दिन भर बैठकों का दौर चलता रहा, नतीजे हालांकि सिफर ही रहे। भाजपा-शिवसेना गठबंधन के बीच मुख्यमंत्री पद की दावेदारी को लेकर गतिरोध अभी भी बरकरार हैं। इस बीच शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत का बयान आया है। उन्होंने कहा ''मुख्यमंत्री शिवसेना का ही होगा। महाराष्ट्र का चेहरा और राजनीति दोनों बदल रहे हैं, आप देखेंगे। जिसे आप हंगामा कह रहे हैं, वह हंगामा नहीं है, बल्कि न्याय और अधिकारों की लड़ाई है, इसमें जीत हमारी होगी।''

शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि हमारे पास बहुमत का आंकड़ा है। अभी हमारे पास 170 विधायकों का समर्थन है, जो 175 तक पहुंच सकता है। बता दें, शिवसेना के 56 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 44 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के पास 54 विधायक हैं, वहीं, निर्दलीय विधायकों की संख्या एक दर्जन से ज्यादा है। अगर ये सभी पार्टियां एकसाथ आती हैं तो ये आंकड़ा 170 के करीब पहुंचता है। इससे पहले सामना में शिवसेना ने एक बार फिर से बीजेपी पर निशाना साधा।
नई गठबंधन सरकार के गठन में सीएम पद को लेकर जारी खींचतान पर शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए। शिवसेना ने लिखा कि बीजेपी को ईडी, पुलिस, पैसा, धाक के दम पर अन्य पार्टियों के विधायक तोड़कर सरकार बनानी पड़ेगी। सामना में लिखा गया कि शिवसेना के बगैर बहुमत होगा तो सरकार बना लो, मुख्यमंत्री बन जाओ। यह सीधा संदेश उद्धव ठाकरे ने दिया। देवेंद्र फडणवीस के लिए आज पार्टी में कोई विरोधी अथवा मुख्यमंत्री पद का दावेदार शेष नहीं है। यह एक अजीबोगरीब संयोग है। गोपीनाथ मुंडे आज होते तो महाराष्ट्र का दृश्य अलग दिखा होता तथा मुंडे मुख्यमंत्री बन ही गए होते तो युति में आज जैसी कटुता नहीं दिखी होती।












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