बेंगलुरू में ठहरे मध्य प्रदेश के बागी विधायकों ने DGP को लिखा पत्र, सुरक्षा की मांग की
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में कांग्रेस के खेमे में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बड़ी खलबली मचा दी है। सिंधिया ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया, इसके बाद उनके समर्थक तमाम विधायक जो बेंगलुरू में हैं उन्होंने सुरक्षा की मांग की है। इन तमाम विधायकों ने डीजीपी को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की है। पत्र में लिखा गया है कि बेंगलुरू और आस पास के इलाकों में सुरक्षा को बढ़ाया जाए। साथ ही नेताओं ने मांग की है कि स्थानीय पुलिस उन्हें सुरक्षा और एस्कॉर्ट उपलब्ध कराए।

डीजीपी को लिखा पत्र
तमाम विधायकों ने यह पत्र कर्नाटक के डीजीपी को लिखा है। पत्र में लिखा है कि हम सभी मध्य प्रदेश के विधायक और सांसदों को सुरक्षा मुहैया कराई जाए। हम यहां पर जरूरी काम से आए हैं, जिसकी वजह से हममे यहां पर सुरक्षा और एस्कॉर्ट स्थानीय पुलिस द्वारा मुहैया कराई जाए ताकि हम बेंगलुरू में सुरक्षित रह सकें और कहीं भी आ जा सकें। गौरतलब है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपना इस्तीफा कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को सौंप दिया है।

सिंधिया को बताया गद्दार
सिंधिया के इस्तीफे के बाद कांग्रेस नेताओं ने उन्हें 'गद्दार' बताना शुरू कर दिया। पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि सिंधिया को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के चलते निष्कासित किया गया है। वहीं, कांग्रेस के नेशनल कोआर्डिनेटर डिजिटल कम्यूनिकेशन गौरव पांधी ने ट्वीट किया, 'गद्दार , गद्दार ही रहेगा और कोई भी तर्क विश्वासघात को सही नहीं ठहरा सकता है। समय!'

विधानसभा में 230 सीटें
दरअसल इस वक्त एमपी में 230 विधानसभा सीटें हैं लेकिन दो विधायकों के निधन हो जाने के चलते विधानसभा की मौजूदा सीट 228 हो गई है, किसी भी पार्टी को सरकार बनाने के लिए मैजिक नंबर 115 चाहिए होता है और जो तस्वीर इस वक्त विधानसभा में है उसके मुताबिक कांग्रेस के पास 114 विधायक हैं, जिसमें से 4 निर्दलीय, 2 बहुजन समाज पार्टी और एक समाजवादी पार्टी विधायक का समर्थन ीै4मिला हुआ है, यानी मौजूदा स्थिति में कांग्रेस के पास कुल 121 विधायकों का समर्थन है जबकि बीजेपी के पास 107 विधायक हैं।













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