मध्य प्रदेश संकट: फ्लोर टेस्ट से पहले विधायकों का COVID-19 परीक्षण
नई दिल्ली- मध्य प्रदेश में जारी सियासी संकट के बीच सरकार में विधायकों को लेकर कोरोना वायरस के प्रकोप का खौफ भी साफ नजर आने लगा है। कमलनाथ सरकार की ओर से कहा गया है कि कैबिनेट ने फैसला किया है कि जो कांग्रेसी विधायक जयपुर से लौटे हैं उन्हें अपनी स्वास्थ्य की जांच करवानी चाहिए। यही नहीं राज्य सरकार यही उम्मीद कांग्रेस के बागी विधायकों और भाजपा विधायकों से भी कर रही है।

मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री पीसी शर्मा ने कैबिनेट में कोरोना वायरस के प्रकोप को लेकर हुई चर्चा की जानकारी देते हुए कहा है कि, 'राज्य कैबिनेट की बैठक में ये चर्चा हुई थी कि हमारे जो विधायक,जयपुर से आए हैं, उन्हें स्वास्थ्य की जांच करवानी चाहिए। जो हरियाणा और बेंगलुरु में हैं उनके स्वास्थ्य की भी जांच होनी चाहिए। '
बता दें कि मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार इस समय सियासी संकट के दौर से गुजर रही है और राज्यपाल लालजी टंडन ने उन्हें 16 मार्च यानि सोमवार को विधानसभा में बहुमत परीक्षण करने को कहा है।
जाहिर है कि इससे पहले कांग्रेस के बागी विधायक बेंगलुरु चले गए थे और भाजपा ने अपने विधायकों को हरियाणा के गुरुग्राम में शिफ्ट कर दिया था। जबकि कांग्रेस ने अपने बचे हुए विधायकों को जयपुर भेज दिया था। अब ये सारे विधायक सोमवार को विधानसभा में बहुमत परीक्षण में हिस्सा लेंगे।
लेकिन, उससे पहले उन सबको सरकार ने कहा है कि उन्हें अपने स्वास्थ्य की जांच करवा लेनी चाहिए। जाहिर है कि देश में जिस कदर कोरोना फैला हुआ है और कर्नाटक, हरियाणा और राजस्थान भी इसकी चपेट में है ऐसे में राज्य सरकार की चिंता गैर-वाजिब भी नहीं है, क्योंकि देश में कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या सौ को पार कर चुकी है और दो लोग इससे अबतक दम भी तोड़ चुके हैं, जिनमें से एक मौत कर्नाटक और दूसरी दिल्ली में हुई है।












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