राष्ट्रपति चुनाव: दलित चेहरे को टक्कर देने के लिए किसान पर दांव
नई दिल्ली। राष्ट्रपति चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि भाजपा की तरफ से दलित कार्ड का दांव खेले जाने के बाद अब विपक्ष किसान कार्ड पर दांव खेलते हुए एमएम स्वामीनाथन को राष्ट्रपति चुनाव की रेस में उतार सकती है। यह भी माना जा रहा है कि शिवसेना भी एमएस स्वामीनाथन का समर्थन कर सकती है। विपक्ष की तरफ से किसी राजनेता की जगह एक पीपुल्स प्रेसिडेंट पर दांव खेले जाने की भी संभावना है।
कौन हैं स्वामीनाथन?
मनकोंबु संबासिवान स्वामीनाथन का जन्म 7 अगस्त 1925 को हुआ था। वह पौधों के जेनेटिक वैज्ञानिक हैं, जिन्हें भारत की हरित क्रांति का जनक माना जाता है। स्वामीनाथन ने 1966 में मैक्सिको के बीजों को पंजाब की घरेलू किस्मों के साथ मिश्रित करके उच्च उत्पादकता वाले गेहूं के संकर बीच विकसित किए थे। इतना ही नहीं, उन्हें विज्ञान एवं अभियांत्रिकी के क्षेत्र में भारत सरकार की तरफ से पद्म भूषण भी दिया जा चुका है।

इन दो नामों पर भी चल रहा है विचार
जहां एक ओर भाजपा ने एक दलित चेहरे को राष्ट्रपति पद के लिए चुना है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष भी कुछ ऐसी ही रणनीति बना रहा है। विपक्ष भीमराव अंबेडकर के पोते प्रकाश अंबेडकर को या फिर पूर्व स्पीकर मीरा कुमार को राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतार सकता है। रामनाथ कोविंद के नाम की घोषणा के बाद से ही नीतीश कुमार और नवीन पटनायक दोनों ने ही कहा है कि वह समर्थन देंगे। अगर बीजेडी और जेडीयू दोनों ने ही कोविंद के पक्ष में वोट दे दिया तो विपक्ष के लिए यह नामुमकिन हो जाएगा कि वह अपने प्रत्याशी को जितवा सके।
कौन हैं प्रकाश अंबेडकर?
प्रकाश अंबेडकर का जन्म 10 मई 1954 को हुआ था, जो भीमराव अंबेडकर के पोते हैं। वह एक स्थानीय राजनीतिक दल भारिपा बहुजन महासंघ के लीडर हैं। वह 13वीं लोकसभा के सदस्य भी रह चुके हैं। उन्होंने महाराष्ट्र के अकोला से दो बार लोक सभा में अपनी जगह बनाई है। उन्होंने राज्यसभा में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। उनके छोटे भाई आनंदराज अंबेडकर भी एक पॉलीटीशियन हैं।












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