तन्वी सेठ-अनस सिद्दीकी को मिली राहत, पासपोर्ट ऑफिस ने कहा- सही हैं दस्तावेज
लखनऊ: तन्वी अनस के पासपोर्ट मामले में अब एक नया मोड़ आता दिखाई दे रहा है। सूत्रों के अनुसार, रीजनल पासपोर्ट ऑफिस ने एडवर्ट रिपोर्ट में किए गए दावों को खारिज कर दिया है। पासपार्ट के लिए अप्लाई करने वाली तन्वी अनस ने अपनी सारी जानकारी सही-सही भरी थी और पूरी प्रकिया भी दुरुस्त थी जिसके आधार पर उन्हें पासपोर्ट दिया गया। बता दें कि पासपोर्ट अधिकारी विकास मिश्रा पर लखनऊ की तनवी सेठ ने आरोप लगाए थे कि उन्होंने धर्म के नाम पर उनसे और उनके मुस्लिम पति अनस सिद्दिकी से बदसलूकी की, जिसके बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया था।

एडवर्ट रिपोर्ट को किया खारिज
सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि रीजनल पासपोर्ट ऑफिस ने पुलिस एडवर्ट रिपोर्ट को खारिज कर दिया है और कहा है कि 21 मई को जारी किया गया सरकारी नोटिफिकेशन के अनुसार, पुलिस वेरिफिकेशन केवल आवेदक की राष्ट्रीयता और उसके खिलाफ कोई आपराधिक मामला तो नहीं हैं, ये चेक करने के लिए किया जाता है। उनका नाम और पता वेरिफाई करने के लिए नहीं।

पीयूष वर्मा पर नियमों की अनदेखी का है आरोप
बता दें कि यूपी की राजधानी लखनऊ में तन्वी सेठ नाम की महिला पासपोर्ट बनवाने गई थी और उस वक्त महिला ने आरोप लगाया था कि पासपोर्ट अधीक्षक विकास मिश्र ने उनपर धार्मिक टिप्पणी की और पासपोर्ट बनाने से मना किया। इस आरोप के बाद विकास मिश्रा का तबादला कर दिया गया था और ये मामला काफी तूल पकड़ता दिखाई दे रहा था कि उसी वक्त एक और अधिकारी पीयूष वर्मा ने तन्वी और अनस को पासपोर्ट जारी कर दिया। इस मामले में पीयूष वर्मा पर आरोप है कि सभी नियमों को दरकिनार करते हुए उन्होंने तन्वी और अनस को पासपोर्ट जारी कर दिया।

एडवर्ट रिपोर्ट आने के बाद भी नहीं हुआ नोटिस जारी
जबकि विकास मिश्रा के इस मामले में बयान देने के बाद एलआईयू और लखनऊ पुलिस की वेरिफिकेशन रिपोर्ट में ये पता चला था कि तन्वी सेठ एक साल से अपने दिए गए पाते पर नही रह रहीं थी। वहीं, नियमों के मुताबिक एलआईयू की एडवर्ट रिपोर्ट आने के बाद तुरंत नोटिस जारी करना होता है लेकिन रिपोर्ट आने के कई दिन बीत जाने के बाद भी नोटिस जारी नहीं किया गया।












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