दिल्ली से जयपुर में लटकते मेट्रो रेल प्रोजेक्ट
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) सरकारी काहिली और निकम्मेपन का शिकार हो रहे देश के कई मेट्रो रेल प्रोजेक्ट। बहुत से प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ रहे हैं सुरक्षा कारणों के नाम पर। इससे बहुत से शहरों में मेट्रो रेल का सफर करने को तरस रहे लोग परेशान हैं।

जयपुर से चैन्नई
बता दें कि जयपुर मेट्रो रेलवे ने अगस्तह 2014 में सुरक्षा क्लीमयरेंस मांगी थी लेकिन उसे अभी तक नहीं मिली है। इसी तरह चैन्नभई मेट्रो ने भी अगस्तच में चलने के लिए रोलिंग स्टॉनक की क्ली यरेंस मांगी थी जो अभी मिलनी बाकी है।
दिल्ली मेट्रो में देरी
अगर बात दिल्ली मेट्रो की करें तो दिल्ली मेट्रो परियोजनाओं के पहले और दूसरे चरण में कोई देरी नहीं हुई थी। पर बाद में हालात खराब होने लगे। जिसके कारण दिल्ली मेट्रो रेल की रफ्तार पहले की तरह नहीं रही।
सूत्रों ने बताया कि बैठक में दिल्लीब मेट्रो के मंडी हाउस-आईटीओ सेक्श न के लिए सुरक्षा प्रमाणपत्र के बारे में भी चर्चा हुई। तय हुआ कि सभी संबंद्ध पक्षों से कहा जाएगा कि वे मेट्रो परियोजनाओं के लिए समय पर सुरक्षा क्लीरयरेंस सुनिश्चित करने के उपायों को अंतिम रूप देने के लिए एक बार बैठक करें।
देरी की बात मानी
जानकारों ने बताया कि केन्द्री य शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू भी मानते हैं कि मेट्रो रेल परियोजनाओं को सुरक्षा क्लीनयरेंस मिलने में अकारण देरी हो रही है। नायडू ने इस मसले पर गुरुवार को उन मेट्रो परियोजनाओं की समीक्षा की जो कुछ समय पहले ही पूरी हुई हैं लेकिन सुरक्षा क्लीगयरेंस नहीं मिलने के कारण उन्हेंन अब तक इस्तेममाल में नहीं लाया जा रहा है।
अहम बैठक हुई
नायडू ने इस गंभीर मसले पर रेल मंत्री सुरेश प्रभु, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष, नागर विमानन, शहरी विकास सचिव, रेलवे सुरक्षा के मुख्यर आयुक्त , दिल्लील मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के मुख्यआ प्रबंध निदेशक, डीएमआरसी के पूर्व मुख्यब प्रबंध निदेशक श्री ई.श्रीधरन और संबंधित वरिष्ठन अधिकारियों ने विचार-विमर्श किया।
नहीं होगा समझौता
सूत्रों के अनुसार, हालांकि इस बात पर सहमति बन गई कि मेट्रो रेल सुरक्षा के साथ समझौता नहीं किया जा सकता लेकिन साथ ही क्लीसयरेंस में देरी नहीं होनी चाहिए। इस काम में अकारण देरी करने वाले अफसरों की क्लास ली जाएगी।












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