रेप नहीं रुके तो क्या भ्रष्टाचार रोक पायेगा लोकपाल?

एमएस गिल- लोकपाल बिल का समर्थन करता हूं, लेकिन यह ध्यान रहे कि कोई निर्दोष इस कानून में न फंसे। वैसे भी हमारे देश में कानूनों की भरमार पहले से है एक और नया कानून बनने जा रहा है। ऐसे में कई बार तमाम निर्दोष लोगों को लोग फंसा देते हैं। यही कारण है कि आज तमाम नेता व अधिकारी हस्ताक्षर करने से डरते हैं।
क्या सिर्फ सुप्रीम कोर्ट के जज ही लोकपाल बनने लायक हैं?
रवि शंकर प्रसाद (भाजपा)- मैं इस लोकपाल बिल का समर्थन करता हूं, लेकिन जो सबसे अहम बात है वो यह कि क्या सिर्फ सुप्रीम कोर्ट का जज ही लोकपाल बनने लायक है, बाकी कोई नहीं। मेरे कहने का मतलब है कि कानून के अंतर्गत सुप्रीम कोर्ट का जज लोकपाल बनेगा। वर्तमान में कई पदों पर सुप्रीम कोर्ट के जज तैनात हैं, क्या उससे कोई लाभ मिला। लिहाजा मैं कहना चाहूंगा कि व्यक्ति किसी भी क्षेत्र से हो, बस उसे इस पद की गरिमा समझनी होगी। मैं कहना चाहूंगा कि लोकपाल को भी यह पता होना चाहिये कि उसकी तैनाती देश के लिये की गई है और उसकी भी किसी के प्रति जवाबदेही है।
रेप नहीं रुके तो क्या भ्रष्टाचार रुकेगा?
शिवानंद तिवारी (जदयू)- हम इस बिल का समर्थन करते हैं। लेकिन हमें यह शंका अभी भी है कि क्या लोकपाल बिल बनने से भ्रष्टाचार रुक जायेगा। रेप पर कानून बना, क्या रेप रुक रहा है। कानून तभी सफल होगा, जब उसके लायक वातावरण होगा। इस समाज में इतनी ज्यादा गैरबराबरी है, उस वजह से भ्रष्टाचार बहुत तेजी से बढ़ रहा है। देश के मन में लालच पैदा किया जा रहा है। इसी संसद में दो करोड़ की गाड़ी लेकर आते हैं, तो जो सांसद छोटी गाड़ी से आ रहे हैं, उनके मन में भी बड़ी गाड़ी से चलने का लालच आयेगा और वह भ्रष्टाचार में डूब जायेगा।
कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट का रिटायर्ड जज पैनल में होगा, जज को हम सबसे अच्छा कैसे मान लें। आज एक जज पर इंटर्न का यौन शोषण करने के आरोप लग रहे हैं। लिहाजा वातावरण ज्यादा जरूरी है।
तेरे बिना भी क्या जीना....
सुखेंदु शेखर रॉय (पश्चिम बंगाल)- चले थे साथ मिलके, चलेंगे साथ मिलकर, तुम्हें रुकना पड़ेगा... जो लोग इस बिल का विरोध कर रहे हैं, वो कह रहे हैं साथी रे तेरे बिना भी क्या जीना... इस बिल में मुझे एक खामी दिखी कि राज्य सरकारें लोकायुक्त की नियुक्ति को कैसे करेंगे। क्योंकि कई राज्यों में लोकायुक्त पहले से हैं और कईयों में नहीं। अलग-अलग राज्यों में लोकायुक्त की नियुक्ति का अलग-अलग आधार है। लिहाजा पूरे देश में एक जैसा आधार होना चाहिये।
आखों ही आंखों में इशारा होगा और पास हो जायेगा लोकपाल बिल
सीताराम येचुरी (सीपीआई एम): भ्रष्टाचार पर रोक लगायेंगे यह तो अच्छी बात है। देवा नंद साहब का एक और गाना याद आ रहा है- आंखों ही आंखों में इशारा हो गया, बैठे-बैठे जीने का सहारा हो गया। देखने वाली बात यह है कि भ्रष्टाचार की सप्लाई कहां से हो रही है। जब तक पॉलिटिकल पार्टियों को कॉर्पोरेट फंडिंग बंद नहीं होगी, तब तक भ्रष्टाचार खत्म नहीं होगा, चाहे जितना भी बड़ा लोकपाल आ जाये। आज खुशी की बात है कि इस पर सहमति है कि बिल आज पारित होगा। अब आंखों ही आंखों में इशारा हो गया और फाइनली लोकपाल पारित होगा।
चार मुख्य बातें थीं, जिस पर हमने आपत्ति जताई थी-हमने कहा था कि एक मॉडल बिल भेजें, जो आज स्वीकार हुआ। राज्य से आग्रह है कि इस मॉडल बिल के आधार पर लोकायुक्त नियुक्त करें। हमारी तरफ से यह संदेश जाना चाहिये। नियुक्ति का सवाल है तो लोकायुक्त और सीबीआई निदेशक की नियुक्ति पर जो भी बातें इसमें रखी गई हैं, इससे हम सहमत हैं। लोकायुक्त के आधीन होकर सीबीआई काम करेगी, लेकिन इस पर पूरी तरह से प्रावधान नहीं आया। हम चाहते हैं, कि 46 साल बात यह बिल आ रहा है और इसमें और सुधार होंगे, इसी उम्मीद से हम समर्थन करते हैं।
आपके नेताओं, सांसदों, विधायकों पर नजर रहेगी, लेकिन जहां से धन आ रहा है, उन पर कोई शिकंजा नहीं है। कॉर्पोरेट कंपनियों से मिलने वाली वित्तीय सहायता पर भी पूरी नजर रखनी होगी। ऐसा नहीं किया तो भ्रष्टाचार कभी खत्म नहीं होगा। जब भी कोई प्राइवेट संस्था या व्यक्ति अगर किसी भी सरकारी कॉन्ट्रैक्ट लेती है, तो उसकी जांच हो कि कहीं उसमें किसी प्रकार की रिश्वतखोरी तो नहीं हुई है। इस लोकपाल बिल में कॉर्पोरेट बॉडी को जाच के दायरे से बाहर रखा गया है, जो देश के लिये बहुत घातक है। यह गंभीर मुद्दा है और इस बिल में संशोधन किया जाये। यह संशोधन किसी भी निजी संस्था पर प्रहार नहीं है, लेकिन जब वो सरकारी काम के लिये अपना टेंडर देते हैं, उनको जो कॉन्ट्रैक्ट मिलता है, तो उस आरोप की जांच लोकपाल के तहत होनी चाहिये। मैं सभापति से आग्रह करता हूं, कि आज रात 12 बजे तक सदन मत खींचे या अचानक उठकर सदन को स्थगित मत करें।
पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप में जांच बहुत जरूरी है। सीएजी आपकी संवैधानिक संस्था है, उसने अगर कहीं भ्रष्टाचार की सुगबुगाहट की बात कही, तो लोकपाल यह कहकर इंकार कर दे कि यह पब्लिक प्राइवेट का मैटर है, तो जांच नहीं कर सकते, तो यह गलत है। पीपीपी, फॉरन फंडेड एनजीओ, निजी कंपनियों को लोकपाल के दायरे से बाहर नहीं रख सकते। यही नहीं चैरीटेबल संस्थाओं को भी लोकपाल के दायरे में आना चाहिये। क्योंकि देश में चैरिटी के नाम पर क्या चल रहा है, यह सब जानते हैं। यह एक गंभीर मुद्दा है।
अगर आप बिना सोचे समझे बिल को पास कर देंगे, तो हमें यही लगेगा कि आखों ही आंखों में इशारा हुआ और बिल पास हो गया।
कपिल सिब्बल- आज देश के लिये ऐतिहासिक दिन है। आज देश को सशक्त लोकपाल मिलने जा रहा है। उम्मीद है कि देश एक नई दिशा में आगे बढ़ेगा। हमें इस ऐतिहासिक बिल को एक जुट होकर पारित करना चाहिये।
क्या-क्या हुआ इससे पहले-
प्रधानमंत्री कार्यालय में मुलायम सिंह यादव व सपा के सांसद राम गोपाल यादव को मनमोहन सिंह समेत कई लोग मनाने के प्रयास हुए। इस बैठक में यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी और संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ समेत कई अन्य दिग्गज नेता भी मौजूद हैं। यह सब इसलिये किया जा रहा है, ताकि राहुल गांधी ने जो मन्नत आज मांगी है, वो पूरी हो सके। लेकिन मुलायम नहीं माने। राम गोपाल यादव ने कहा कि यह बिल देश के अधिकारियों से निर्णय लेने के अधिकार को छीन लेगा।
असल में सुबह मीडिया से मुखातिब होते ही राहुल गांधी ने कहा था कि आज हर हाल में लोकपाल बिल पास हो जायेगा। राहुल का मनोबन इसलिये और बढ़ गया क्योंकि उनके सिर पर अब अन्ना हजारे का हाथ है। अन्ना हजारे ने राहुल को विशेष रूप से पत्र लिखकर लोकपाल बिल को लोकसभा में पेश करने की बात पर धन्यवाद दिया और कहा कि अगर यह लोकपाल बिल पारित हो जाता है, तो वह उनके आभारी रहेंगे। अन्ना ने लिखा, "संसद में लोकपाल एवं लोकायुक्त बिल पारित करने की आप की प्रतिबद्धता का मैं स्वागत करता हूं। मेरा आग्रह है कि सिलेक्ट कमेटी द्वारा सूचित एवं अनुमोदित बिंदुओं को बिल में शामिल किया जाये। इन बिंदुओं को सिलेक्ट कमेटी में शामिल कर सर्व सम्मति से तय किया जाये। यदि इसके अलावा भी काई अधिक कारगर बिंदु इसमें शामिल करके कानून को और भी सक्षम बनाने का संसद प्रयास करेगी तो वह आम जनता के हित में होगा। देश की जनता सक्षम लोकपाल की प्रतीक्षा में है।"
इस पत्र का राहुल गांधी ने जवाब दिया और लिखा, "अन्ना हजारे जी, आपके 15 दिसंबर 2013 के पत्र के लिये धन्यवाद। आपके पत्र से मुझे बहुत प्रोत्साहन मिला। हम सब देश के लोगों को एक यथासंभव मजबूत और सक्षम लोकपाल व्यवस्था प्रदान करने के लिये प्रतिबद्ध हैं। इस कार्य में हम आपकी भूमिका का आदर करते हैं और आपके समर्थन के बहुत आभारी हैं।"












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