Lok Sabha Election: 'अगर पीएम मोदी भी आ जाएं..', कर्नाटक में कहीं हिमाचल वाला न हो जाए BJP का हाल!
Karnataka Lok Sabha Election 2024: कर्नाटक लोकसभा चुनाव में बीजेपी को इस बार बागियों से बड़ी चुनौती मिल सकती है। पार्टी के वरिष्ठ नेता केएस ईश्वरप्पा ने कह दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मनाने आ जाएं, फिर भी वह निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे।
ईश्वरप्पा बेटे के लिए हावेरी-गडग लोकसभा सीट से टिकट मांग रहे थे। लेकिन, नहीं मिलने पर वे इतने नाराज हैं कि अब खुद भी निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके हैं। शिवमोगा की एक जनसभा में एक महिला समर्थक ने उनसे पूछ लिया कि अगर पीएम मोदी उन्हें समझाने के लिए आ जाएं तो वे क्या करेंगे। वे बोले कि उनकी भी नहीं सुनेंगे।

पीएम मोदी घर आने की कोशिश करें तो भी....ईश्वरप्पा
कर्नाटक के पूर्व मंत्री ने महिला से कहा, 'समर्थकों की इस भीड़ में मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि यदि पीएम मोदी मेरे घर आने की भी कोशिश करें, मैं उनपर ध्यान नहीं दूंगा। मैं अपने समर्थकों या कार्यकर्ताओं का अनादर नहीं करूंगा और मुझे विश्वास है कि मैं चुनाव में सफल रहूंगा और जीतकर आऊंगा।'
हिमाचल प्रदेश में बागियों की वजह से जा चुकी है बीजेपी की सत्ता
भाजपा के साथ 2022 में हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों में भी यही स्थिति पैदा हुई थी। टिकट कटने से नाराज कई नेता बागी बनकर मैदान में उतर आए थे। इस दौरान पार्टी के एक बागी कृपाल परमार का एक ऑडियो वायरल हुआ था। इसके बारे में कहा गया कि पीएम मोदी ने फोन करके उनसे कहा था कि चुनाव न लड़ें। लेकिन, वे नहीं माने।
भाजपा के कई मौजूदा सांसदों के समर्थन का ईश्वरप्पा ने किया दवा
बीजेपी ने कर्नाटक समेत देश के कई राज्यों में मौजूदा सांसदों का भी टिकट काटा है। लेकिन, ईश्वरप्पा बगावत के लिए तैयार हैं। उनका कहना है,'मैंने 40 वर्षों तक पार्टी की ईमानदारी से सेवा की है। सीटी रवि, सदानंद गौड़ा, नलिन कुमार कटील और प्रताप सिम्हा ने भी मेरा समर्थन किया है कि यह सही नहीं हुआ (टिकट नहीं मिलना)।' पार्टी ने इन सभी नेताओं का भी टिकट काटा है।
सदानंद गौड़ा भी जता चुके हैं नाराजगी
लेकिन, अभी कर्नाटक में भाजपा के दो दिग्गज ही खुलकर टिकट नहीं मिलने पर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। इनमें पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री और पूर्व सीएम सदानंद गौड़ा भी शामिल हैं। इन नेताओं की मुख्य नाराजगी पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा और उनके बेटों पर है, जिनपर ये परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगा रहे हैं।
येदियुरप्पा के खिलाफ बढ़ रही है नाराजगी
ईश्वरप्पा का कहना है कि उनके समर्थक चाहते हैं कि वे शिमोगा से येदियुरप्पा के बेटे बीवाई राघवेंद्र के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ें। पार्टी ने राघवेंद्र को अपना आधिकारिक उम्मीदवार बनाया है।
13 मार्च को बीजेपी की ओर से 72 उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी होने के बाद ईश्वरप्पा ने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा था, 'बीएस येदियुरप्पा ने वादा किया था कि हावेरी से वे केई कंतेश को टिकट देंगे। इसलिए, मैंने अपने बेटे कंतेश को वहां प्रचार के लिए भेज दिया...लेकिन, आज मेरे बेटे केई कंतेश को टिकट नहीं मिला और बीएस येदियुरप्पा के बेटे को फिर से टिकट मिल गया।'
हिमाचल में बागियों ने कैसे बिगाड़ा खेल?
2022 के हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में 21 सीटों पर भाजपा के बागी उम्मीदवार उतरे थे। लेकिन, उनकी वजह से 14 सीटों पर पार्टी को नुकसान हो गया था। हिमाचल प्रदेश की 68 सीटों में से भाजपा को सिर्फ 25 सीटें मिली थीं और कांग्रेस 40 सीटों पर जीत गई थी।
हालांकि, जहां तक कृपाल परमार की बात है तो फतेहपुर सीट पर उन्हें खुद मतदाताओं ने बुरी तरह से नकार दिया था। अलबत्ता यह सीट कांग्रेस के खाते में गई थी और भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था।












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