कन्नौज में कई सपा नेताओं को किया गया नजरबंद, पैसे बांटने की शिकायत पर की गई छापेमारी
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) के चौथे चरण के मतदान से एक दिन पूर्व उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में पुलिस ने कई सपा नेताओं के आवास पर छापेमारी की और कुछ नेताओं के घर के बाहर पुलिस की तैनाती भी की गई। पुलिस का कहना है कि ये कार्रवाई रुपए बांटने की शिकायत के आधार पर की गई है। जबकि समाजवादी पार्टी ने पुलिस की इस कार्रवाई को सत्ता पक्ष के इशारे पर की गई कार्रवाई बताया है और भाजपा पर निशाना साधा है।

कई सपा नेताओं के घर छापेमारी
समाजवादी पार्टी के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट कर पुलिस पर आरोप लगाए गए। इस ट्वीट में लिखा गया, 'कन्नौज में भाजपा सरकार पुलिस-प्रशासन का दुरुपयोग कर समाजवादी पार्टी पदाधिकारियों के घर, दफ़्तर पर छापे मार रही है जिसका मकसद केवल दमन और मतदान को प्रभावित करना हैं। चुनाव आयोग संज्ञान ले कार्रवाई करे।'
सत्ता का दुरूपयोग किया जा रहा है- सपा
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राजेंद्र चौधरी ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सूबे को योगी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि तीन चार दिनों से कन्नौज, कानपुर देहात और औरैया पुलिस ने गांव-गांव में समाजवादी पार्टी के समर्थक प्रमुख, ग्राम प्रधानों, बीडीसी, जिला पंचायत सदस्यों को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया है। इन सभी पर दबाव डाला जा रहा है कि भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट डलवाए। यह चुनाव को प्रभावित करने की साजिश है। इसके लिए सत्ता का दुरूपयोग किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस पर कार्यकर्ताओं को घरों से उठाने का आरोप भी लगाया।

कई नेताओं के घर के बाहर निगरानी के लिए पुलिस तैनात
इस मामले में पुलिस का कहना है कि कुछ ग्राम प्रधानों को कोतवाली लाकर उनसे पूछताछ की गई थी और बाद में छोड़ दिया गया। सदर कोतवाल विनोद मिश्रा ने बताया कि नेताओं के घर मतदाताओं को रुपए बांटने की शिकायत पर छापेमारी की गई। कहीं से कुछ बरामद नहीं किया गया है। रविवार रात से सपा के कई नेताओं के घर के बाहर निगरानी के लिए पुलिस तैनात की गई है। पार्टी की तरफ से कहा गया है कि नेताओं को नजरबंद करने की शिकायत पार्टी चुनाव आयोग से की जाएगी। बता दें कि कन्नौज सीट से सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल चुनाव मैदान में हैं।












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