बिहार में कौन मारेगा बाजी, NDA या महागठबंधन? सर्वे में चौंकाने वाले परिणाम
बिहार की 40 सीटों में से कितनी सीटें जीत सकता है भाजपा का गठबंधन? पढ़िए बड़ा सर्वे...
नई दिल्ली। 2019 के लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2019) की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। माना जा रहा है कि मई में होने वाले लोकसभा चुनावों के लिए चुनाव आयोग अगले 2-4 दिनों में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है। चुनावी सुगबुगाहट शुरू होते ही सियासी दलों के बीच भी हलचल तेज हो गई है। यूपी में सपा-बसपा और आरएलडी का महागठबंधन बनने के बाद अब बिहार (Bihar) के महागठबंधन में भी सीटों के बंटवारे को लेकर चर्चाओं के दौर चल रहे हैं। तो वहीं, भाजपा भी एनडीए (NDA) को मजबूत कर फिर से 2019 में सत्ता में वापसी की कोशिशों में जुट गई है। इस बीच बिहार और झारखंड को लेकर एक बड़ा ओपिनियन पोल सामने आया है।

कितने फीसदी लोगों की पसंद हैं मोदी?
समाचार चैनल न्यूज नेशन की तरफ से किए गए ओपिनियन पोल के मुताबिक, बिहार और झारखंड में प्रधानमंत्री के चेहरे के तौर पर नरेंद्र मोदी सर्वाधिक लोगों की पहली पसंद हैं। ओपिनियन पोल में हिस्सा लेने वाले बिहार-झारखंड के लोगों में से 47 फीसदी ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद के लिए अपनी पसंद बताया। वहीं, महज 20 फीसदी लोगों ने पीएम पद के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को चुना। इनके अलावा 23 फीसदी लोगों ने पीएम पद पर अन्य उम्मीदवारों को अपनी पसंद बताया। इनके अलावा दोनों राज्यों के करीब 81 फीसदी (बिहार में 77 फीसदी और झारखंड में 85 फीसदी) लोगों ने माना कि पाकिस्तान पर की गई एयर स्ट्राइक के बाद लोकसभा चुनावों में भाजपा को फायदा मिलेगा।

40 में से 27 सीटें जीत सकता है NDA
ओपिनियन पोल के नतीजों में सामने आया कि बिहार में भाजपा, जेडीयू और एलजेपी का गठबंधन यानी एनडीए 40 में से 27 सीटों पर जीत हासिल कर सकता है। वहीं कांग्रेस, आरजेडी, आरएलएसपी और हम का गठबंधन यानी यूपीए को केवल 12 सीटें मिल सकती हैं। इनके अलावा झारखंड के ओपिनियन पोल में भी कुछ ऐसे ही नतीजे सामने आए। ओपिनियन पोल के नतीजों के मुताबिक झारखंड में भाजपा 14 में से 10 सीटों पर जीत हासिल कर सकती है, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व में बना गठबंधन केवल 4 सीटों पर सिमट सकता है।

कौन सा मुद्दा रहेगा अहम?
ओपिनियन पोल में दोनों राज्यों के लोगों से 2019 के लोकसभा चुनाव में हावी रहने वाले मुद्दों को लेकर भी सवाल पूछे गए। लोगों से पूछा गया कि आगामी लोकसभा चुनाव में वोट डालते समय वो किस मुद्दे को प्राथमिकता देंगे। ओपिनियन पोल में हिस्सा लेने वाले लोगों में से 24 फीसदी ने माना कि वो महंगाई के मुद्दे के आधार पर वोट डालेंगे। जबकि, इतने ही फीसदी लोगों ने माना वो बेरोजगारी के मुद्दे के आधार पर वोट देंगे। सर्वे में सामने आया कि 16 फीसदी लोग ऐसे हैं, जो पीएम के चेहरे को सामने रखते हुए वोट डालेंगे।

पाक के मुद्दे पर क्या सोचते हैं लोग?
इस ओपिनियन पोल में कुछ और अहम बातें भी सामने आईं। पोल के मुताबिक बिहार के 51 फीसदी और झारखंड के 53 फीसदी लोगों ने माना कि केंद्र की मोदी सरकार का फोकस राजनीति से ज्यादा विकास पर है। पोल में हिस्सा लेने वाले बिहार के 47 फीसदी लोग एनडीए सरकार के कामकाज से संतुष्ट नजर आए, जबकि 39 फीसदी लोगों ने सरकार के कामकाज के खिलाफ वोट किया। इसी तरह झारखंड में 50 फीसदी लोगों ने माना कि एनडीए सरकार सही काम कर रही है। ओपिनियन पोल के दौरान पूछा गया कि क्या मोदी सरकार पाकिस्तान को करारा जवाब दे रही है? इस सवाल पर 56 फीसदी लोगों ने भाजपा के पक्ष में अपनी राय दी, जबकि 30 फीसदी लोगों ने माना कि सरकार इस मुद्दे पर फेल रही है।












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