अब जयाप्रदा पर दर्ज हुआ केस, मायावती को लेकर दिया ये विवादित बयान
बसपा सुप्रीमो मायावती के ऊपर बेहद विवादित बयान देने के मामले में भाजपा प्रत्याशी जयाप्रदा की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
नई दिल्ली। यूपी की रामपुर लोकसभा सीट पर तीसरे चरण के तहत चुनाव प्रचार थम गया है और इस सीट पर मंगलवार को मतदान होगा। रामपुर में सपा-बसपा और आरएलडी महागठबंधन के प्रत्याशी आजम खान की भाजपा उम्मीदवार जयाप्रदा पर की गई विवादित टिप्पणी के बाद यह सीट सुर्खियों में है। आजम खान के अमर्यादित बयान को लेकर काफी सियासी बवाल मचा था और उनके ऊपर केस भी दर्ज किया जा चुका है। अब इस मामले में एक नया मोड़ आ गया है। चुनाव आयोग ने अब गैर-संज्ञेय अपराध की धाराओं के तहत जयाप्रदा पर केस दर्ज किया है। दरअसल जयाप्रदा ने आजम खान के बयान को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती पर विवादित टिप्पणी की थी।

जयाप्रदा ने मायावती को लेकर क्या कहा
दरअसल रामपुर में सपा और बसपा की संयुक्त रैली होने के बाद जयाप्रदा ने बयान दिया, 'आजम खान ने मेरे खिलाफ जो टिप्पणी की है, उसे देखते हुए मायावती जी आपको सोचना चाहिए कि उनकी एक्स-रे जैसी आंखें आपके ऊपर भी कहां-कहां डालकर देखेंगी।' जयाप्रदा के इस बयान को लेकर चुनाव आयोग ने उनके खिलाफ गैर-संज्ञेय अपराध के तहत केस दर्ज किया है। आपको बता दें कि इससे पहले आजम खान ने जयाप्रदा पर विवादित बयान देते हुए कहा था, 'जिसको हम उंगली पकड़कर रामपुर लाए, आपने 10 साल जिनसे प्रतिनिधित्व कराया, उसकी असलियत समझने में आपको 17 साल लगे। मैं तो 17 दिन में पहचान गया कि ....।'

आजम पर दर्ज हो चुका है केस
आजम खान ने अपने इस बयान पर बवाल बढ़ने के बाद सफाई देते हुए कहा था कि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया। उन्होंने कहा कि उनकी यह टिप्पणी दिल्ली में एक आरएसएस के नेता को लेकर थी। आजम खान ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर कोई उन्हें दोषी साबित कर दे तो वो राजनीति छोड़ देंगे। वहीं इस मामले को लेकर चुनाव आयोग ने ना केवल उनके ऊपर एफआईआर दर्ज की, बल्कि उनके ऊपर चुनाव प्रचार ना करने का 72 घंटे का प्रतिबंध भी लगा दिया। इस मामले पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी आजम खान को नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा था। वहीं, समाजवादी पार्टी अपने नेता आजम खान के पक्ष में खड़ी हुई नजर आई।

'मैं रामपुर नहीं छोड़ने वाली'
आजम खान के बयान पर पलटवार करते हुए जयाप्रदा ने कहा था, 'यह मेरे लिए कोई नई बात नहीं है। आपको याद होगा कि जब मैं 2009 में उनकी पार्टी से उम्मीदवार थी, तब भी उन्होंने मुझे लेकर एक बयान दिया था और उस वक्त किसी ने मेरा साथ नहीं दिया। मैं एक महिला हूं और आजम खान ने जो कहा, उसे मैं दोहरा नहीं सकती। मैं अखिलेश यादव की खामोशी पर हैरान हूं, उनके सामने मेरा अपमान होता रहा। मुझे नहीं पता कि मैंने उनके साथ क्या बुरा किया है, जो वह ऐसी बातें कह रहे हैं। आजम खान को चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, क्योंकि अगर यह आदमी जीत गया, तो लोकतंत्र का क्या होगा? समाज में महिलाओं के लिए कोई जगह नहीं होगी। हम कहां जाएंगे? क्या मुझे मर जाना चाहिए, तब आप संतुष्ट होंगे? आप सोचते हैं कि मैं डर जाऊंगी और रामपुर छोड़ दूंगी? लेकिन मैं रामपुर नहीं छोड़ूंगी।'
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