37 भाजपाइयों ने दिया पार्टी से इस्तीफा, हिंदुत्व को बताया वजह

2019 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा है।

नई दिल्ली। 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जोर-शोर से जुटी भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा है। दरअसल नागालैंड में भाजपा के करीब 37 सदस्यों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इन सभी सदस्यों ने अपने इस्तीफे में नागरिकता संशोधन विधेयक का हवाला देते हुए कहा है कि नागा लोगों के लिए देशभर में भाजपा की हिंदुत्व की नीति और उसके सिद्धांत असमर्थनीय बन गई है। जिन 37 सदस्यों ने भाजपा से इस्तीफा दिया है, उनमें से चार नेता राज्य कार्यकारिणी के सदस्य बताए जा रहे हैं। एक साथ 37 नेताओं के इस्तीफे की खबर से प्रदेश भाजपा में हड़कंप मच गया है। जानकारी के मुताबिक इन सभी सदस्यों ने सोमवार शाम को प्रदेश अध्यक्ष को अपना इस्तीफा भेजा था।

'पार्टी की हिंदुत्व नीति से सहमत नहीं'

'पार्टी की हिंदुत्व नीति से सहमत नहीं'

नागालैंड में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष इमना अलॉन्ग को भेजे गए इस्तीफे में इन सभी सदस्यों ने कहा है, 'हम सभी पार्टी से इस्तीफा दे रहे हैं क्योंकि हम लोग भाजपा के सिद्धांतों से सहमत नहीं हैं, विशेष रूप से पार्टी की हिंदुत्व नीति से।' इसके अलावा इन सदस्यों ने नागा राजनीतिक मुद्दे को लेकर किसी अंतिम समझौते तक पहुंचने में हो रही देरी को भी अपने इस्तीफे की वजह बताया है। हालांकि प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि पार्टी से इस्तीफा देने वाले ज्यादातर लोग कांग्रेस के उम्मीदवार केएल चिशी के कबीले और जनजाति के हैं और इसलिए इन लोगों के इस्तीफे से परिणाम पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

'कांग्रेस का समर्थन करना चाहते हैं ये लोग'

'कांग्रेस का समर्थन करना चाहते हैं ये लोग'

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष इमना अलॉन्ग ने इस मामले पर कहा, 'इस्तीफा देने वाले सदस्यों में से तीन नेता राज्य कार्यकारिणी के सदस्य थे और एक वित्त समिति के संयोजक थे, लेकिन जिन लोगों ने इस्तीफा दिया है उनमें से ज्यादातर जुन्हेबोटो जिले से ताल्लुक रखते हैं और कांग्रेस के उम्मीदवार भी उसी जिले से हैं। इन लोगों के इस्तीफे से ना तो पार्टी पर कोई असर पड़ेगा और ना ही चुनाव परिणाम पर। इन नेताओं ने इस्तीफा इसलिए दिया है क्योंकि ये सभी लोकसभा चुनाव लड़ रहे कांग्रेस के उम्मीदवार केएल चिशी का समर्थन करना चाहते हैं।'

नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर विरोध

नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर विरोध

आपको बता दें कि नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर पूरे पूर्वोत्तर में ज़बरदस्त विरोध हो रहा है। यह विधेयक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आने वाले गैरमुस्लिमों के लिए भारत की नागरिकता आसान बनाने के लिए है। इसके बिल के कानून बन जाने पर इन तीन देशों से भारत आने वाले शरणार्थियों को 12 साल की जगह छह साल बाद ही भारत की नागरिकता मिल सकती है।

ये भी पढ़ें- 2019 के लोकसभा चुनाव को लेकर विस्तृत कवरेज

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+