सस्पेंस समाप्त, बुधवार को होगा लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान

पहली बार संसदीय चुनाव में मतदाताओं को 'उपर्युक्त में से कोई भी नहीं' विकल्प मुहैया कराया जाएगा। चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक देशभर में करीब 800,000 मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। चुनाव में करीब 12 लाख इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन का इस्तेमाल किया जाएगा और 250,000 अतिरिक्त मशीनों के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को आदेश दिया गया है। वर्ष 2009 में 71.4 करोड़ वैध मतदाता थे और 2004 में 67.1 करोड़ मतदाता थे।
मालूम हो कि देश में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित कराने के लिए तकरीबन एक करोड़ मतदानकर्मियों को तैनात किया जायेगा इनमें आधी संख्या सुरक्षाकर्मियों की होगी। आने वाले चुनावों में उम्मीदवार चुनाव प्रचार में पहले से ज्यादा पैसा खर्च कर सकेंगे। गौरतलब है कि साल 2009 में लोकसभा के चुनाव 5 चरणों में कराए गए थे। खैर, इस बार चुनाव की तारीखों को लेकर राजनीतिक दलों की टीका-टिप्पणी शुरू होने में अब कुछ ही घंटे बाकी हैं। 5 साल बाद एक बार फिर देश की जनता के सामने सुनहरा मौका है।












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