Lok Sabha Election 2024: बिहार, बंगाल को लेकर टेंशन में बीजेपी? 240 सीटें 'कमजोर', बदलनी पड़ी ये रणनीति
Lok Sabha Election Latest News: बीजेपी पिछले कई महीनों से देश की 160 लोकसभा सीटों को पार्टी के नजरिए से 'कमजोर' मानकर उसे मजबूत करने में लगी हुई थी। लेकिन, लोकसभा चुनावों की घोषणा से कुछ ही समय पहले इनकी संख्या बढ़ाकर 240 कर दी गई है।
मतलब, भारतीय जनता पार्टी अब देश की 543 सीटों में से 240 को अपने लिए 'कमजोर' सीटें मानकर उसे जीतने की रणनीति बनाएगी और उसके आधार पर योजना तैयार करेगी। यह फैसला मंगलवार को दिल्ली में हुई पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की एक बैठक में लिया गया है।

पहले 160 सीटों को 'कमजोर' मानकर काम कर रही थी बीजेपी
पहले बीजेपी दक्षिण भारतीय राज्यों की अधिकतर सीटों और देश के अन्य हिस्सों की भी कुछ चुनिंदा सीटों को वह अपने लिए 'कमजोर' मानकर उसे मजबूत करने के मिशन पर काम कर रही थी।
पिछले साल से केंद्रीय मंत्री स्तर तक के नेता तक इन 160 क्षेत्रों में कैंप करके पार्टी का जनाधार बढ़ाने के लिए जमीन पर काम कर रहे थे।
बिहार, बंगाल को लेकर टेंशन में बीजेपी?
इनमें से कई ऐसी सीटें ऐसी भी हैं, जहां बीजेपी जीती तो है, लेकिन जीत का मार्जिन कम है। या फिर वो सीटें हैं, जहां भाजपा जीत नहीं पाती। लेकिन, अब दक्षिण भारतीय राज्यों के साथ ही पार्टी ने इसमें बिहार और पश्चिम बंगाल को भी शामिल कर लिया है, जहां चुनाव जीतने के लिए पार्टी खास योजना और तैयारी के साथ मैदान में उतरना चाह रही है।
बिहार में भाजपा की मुश्किलें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अगुवाई वाले जेडीयू के पलटी मारने की वजह से बढ़ी मानी जा रही है। इसकी वजह से प्रदेश के जातीय समीकरण में बदलाव की संभावना है।
जबकि, बंगाल में भाजपा के ही कई नेता पाला बदलकर ममता बनर्जी की टीएमसी में शामिल हो चुके हैं। हालांकि, यहां केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 35 सीटें जीतने का लक्ष्य तय कर रखा है और पार्टी ने संगठन के स्तर पर काफी तैयारी की है।
'तमिल संगमम' की तर्ज पर विशेष योजना तैयार
मंगलवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और अमित शाह की मौजूदगी में हुई बैठक में दक्षिण भारतीय राज्यों और बिहार और पश्चिम बंगाल में पार्टी ने 'तमिल संगमम' की तर्ज पर विशेष योजना तैयार की है।
पार्टी ने देश की कुल 543 लोकसभा सीटों को 146 क्लस्टरों में बांटा है और प्रत्येक क्लस्टर की जिम्मेदारी एक वरिष्ठ नेता को सौंपना तय किया है। हर एक क्लस्टर में 3 से 4 'कमजोर' सीटे रखी गई हैं।
'कमजोर' सीटें जीतने की क्या है बीजेपी की नई रणनीति?
इस बैठक में इन क्लस्टरों के प्रभारी और पार्टी के करीब 300 नेता मौजूद थे। बैठक में नड्डा और शाह के अलावा भाजपा के संगठन महामंत्री बीएल संतोष, राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े भी उपस्थित थे। इस दौरान सभी क्लस्टर इंचार्ज को बताया गया कि किस तरह से महिला और पहली बार के वोटरों तक पहुंचना है।
बैठक के बाद विनोद तावड़े ने बताया कि इसका फोकस इस बात पर था कि बूथों पर पार्टी को किस तरह से मजबूत किया जाए, और खासकर उन बूथों पर जहां बीजेपी तुलनात्मक रूप से 'कमजोर' है।
तावड़े का कहना है कि तमिल संगमम की तरह ही भाजपा ने दक्षिणी भारतीय राज्यों, पश्चिम बंगाल और बिहार में मतदाताओं और लाभार्थियों तक पहुंचने की विशेष तैयारी की है।
इस बैठक में शाह ने लोकसभा के लिए बीजेपी के चुनाव अभियान की जो रूप-रेखा तय की है, उसके हिसाब से पार्टी को फर्स्ट टाइम वोटर, सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों, ओबीसी, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, युवा और महिला वोटरों पर विशेष रूप से जोर लगाना है।
सरकारी योजनाओं के लाभार्थी, जिनमें बड़ी तादाद में ओबीसी, दलित और आदिवासी शामिल हैं, उनतक केंद्र सरकार पहले ही 'विकसित भारत संकल्प यात्रा' के माध्यम से पहुंच रही है।
मतलब, बीजेपी के लिए जमीनी स्तर पर मतदाताओं के बीच एक आधार तैयार है और वह मोदी सरकार के काम और विकास के नाम पर अपने लक्षित वोटरों तक पहुंचने की रणनीति को सिर्फ योजना के ढांचे में समेटने की कोशिश हो रही है।












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