Lok Sabha Election 2024: केरल में कम मतदान पर 2 दिन बाद जागी कांग्रेस, क्यों बढ़ी पार्टी की धड़कन?
Kerala Lok Sabha Election 2024: कांग्रेस ने रविवार को केरल में 26 अप्रैल को हुए चुनाव में 'भयानक कुप्रबंध' का आरोप लगाते हुए, चुनाव आयोग से व्यापक जांच शुरू करने की मांग की है।
केरल विधानसभा में नेता विपक्ष वीडी सतीसन ने चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखकर आरोप लगाया है कि 'बहुत ज्यादा कुप्रबंध' की वजह से कई मतदान केंद्रों में मतदान की प्रक्रिया में अप्रत्याशित देरी हुई, जिससे वोट प्रतिशत गिर गया।

कांग्रेस ने मतदान में देरी का लगाया आरोप
कांग्रेस का आरोप है कि दो मतदाताओं के बीच मतदान में इतनी देर की गई, जिसकी वजह से कई मतदाताओं को साढ़े चार घंटों तक अपनी बारी आने का इंतजार करना पड़ा।
कांग्रेस नेता ने कहा, 'कई मतदाता भीषण गर्मी में कई बूथों पर घंटों कतार में खड़े रहने के बाद लौट गए। यही नहीं, कुछ मतदाता तो 6 बजे से पहले मतदान केंद्रों पर पहुंचने के बावजूद वोट नहीं डाल सके।'
अधिकारियों की वजह से गिरा मतदान प्रतिशत- कांग्रेस
कांग्रेस का आरोप है कि अधिकारियों के स्तर पर कई बूथों पर 'गंभीर लापरवाही' देखने को मिली। उन्होंने कहा, 'बेशक, अधिकारियों का लचर रवैया मतदान प्रतिशत गिरने की एक बड़ी वजह रही है। दूसरे चुनावों से अलग ईवीएम में भी गड़बड़ी देखने को मिली।'
सबसे खराब चुनाव प्रबंधन- कांग्रेस
कांग्रेस का दावा है कि कई बूथों पर वोटिंग मशीन खराब होने के बावजूद मतदान का समय नहीं बढ़ाया गया और हाल के समय में इतना खराब चुनाव प्रबंधन कभी नहीं देखने को मिला है।
कांग्रेस ने चुनाव आयोग से की व्यापक जांच की मांग
सतीसन ने अपनी चिट्ठी में लिखा है, 'केरल में मतदाता सूची को ठीक करने की प्रक्रिया भी सावधानीपूर्वक नहीं की गई, क्योंकि नवीनतम मतदाता सूची में कई दोहरे वोट और बेकार वोट हैं। इसलिए, मैं आपसे 26 अप्रैल, 2024 को केरल में हुए लोकसभा चुनाव के 'भयानक कुप्रबंधन' की व्यापक जांच शुरू करने का आग्रह करता हूं।'
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने चुनाव प्रक्रिया पर संतोष जताया था
कांग्रेस नेता ने यह दावा राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के यह कहने के एक दिन बाद किया है, जिसमें उन्होंने राज्य में लोकसभा चुनाव प्रक्रिया को हर स्तर पर पूरी तरह से संतोषजनक बताया था और कहा था कि पिछले वर्षों की तुलना में वोटिंग मशीन ने भी ठीक से काम किया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजय कौल ने कहा था कि 25,231 पोलिंग बूथों में से 95% में 6 बजे तक मतदान का काम पूरा हो गया था और 8 बजे रात तक 99% बूथों पर संपन्न करा लिया गया था।
उन्होंने अपने बयान में कहा था, 'सिर्फ वडाकारा चुनाव क्षेत्र में कुछ बूथों पर मतदान बाद में भी जारी रहा। यह इस वजह से कि 5 बजे के बाद बहुत ज्यादा वोटर आ गए, इसकी वजह से अधिकारियों को रिकॉर्ड जांचनी पड़ी और सटीकता सुनिश्चित करनी पड़ी, जिसमें स्वाभाविक तौर पर ज्यादा समय लगता है।'
6 बजे तक जो भी मतदाता आए सबको मतदान का मौका मिला- चुनाव आयोग
उन्होंने कहा कि जो भी मतदाता 6 बजे तक बूथों पर आए, उन सबको मतदान के लिए टोकन दिया गया, जो कि अधिकारियों की सतर्कता दिखाती है।
केरल में 2019 से काफी घट गया मतदान
शुक्रवार को केरल की सभी 20 सीटों पर एक ही चरण में मतदान कराए गए, जिसमें मतदान का प्रतिशत मात्र 71.16% रहा। यह 2019 के लोकसभा चुनावों में पड़े वोट 77.84% की तुलना में बहुत ही कम है।
कांग्रेस की क्यों बढ़ी धड़कन?
केरल में 2019 में कांग्रेस और उसकी सहयोगी दलों को 20 में से 19 सीटें मिल गई थीं और सिर्फ एक ही सत्ताधारी सीपीएम की अगुवाई वाले एलडीए के खाते में गई थी। लगता है कि मतदान प्रतिशत गिरने से कांग्रेस को अपने प्रदर्शन को लेकर आशंका पैदा हुई है, क्योंकि विधानसभा चुनाव में एलडीएफ बाजी पलट चुकी थी।
दूसरे चरण में महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और कर्नाटक में ही 2019 के मुकाबले ज्यादा वोटिंग दर्ज की गई है। जबकि, यूपी, एमपी और केरल में सबसे ज्यादा गिरावटी रिकॉर्ड हुई है। (इनपुट-पीटीआई)












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