Lok Sabha Election: नागालैंड के 6 जिलों में शून्य मतदान, पोलिंग बूथ पर क्यों नहीं पहुंचे वोटर, क्या रही वजह?
Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान छिटपुट घटना अलावा शांतिपूर्ण रहा। इस चरण में 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की कुल 102 लोकसभा सीटों के लिए मतदान हुआ। जिसमें पूर्वोत्तर के राज्य मणिपुर, मिजोरम, मेघालय, त्रिपुरा, सिक्किम और नागालैंड समेत असम के अलग- अलग लोकसभा सीटों पर मतदान हो रहे हैं। इस बीच नागालैंड में ईस्टर्न नागालैंड पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन के आह्वान पर 6 जिलों को मतदाता मतदान करने पोलिंग बूथ पर नहीं पहुंचे।
लोकसभा चुनाव के पहले चरण में 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की कुल 102 लोकसभा सीटों के लिए मतदान हो रहे हैं। जबकि नागालैंड के पांच ऐसे जिले हैं, जहां लोगों ने अलग जिले की मांग को लेकर चुनाव का पूरी तरह से बहिष्कार दिया। यहां मतदान का प्रतिशत शून्य रहा। छह जिलों में 4 लाख से अधिक मतदाता हैं। उन्होंने ईएनपीओ के साथ एकजुटता दिखाने का फैसला किया और मतदान के दिन घर के अंदर ही रहे। दोपहर एक बजे तक छह जिलों में कोई मतदान नहीं हुआ।

ईस्टर्न नागालैंड पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन (ईएनपीओ) ने विरोध स्वरूप क्षेत्र के छह जिलों के लोगों से चुनाव में मतदान नहीं करने का आग्रह किया था। बता दें कि ईएनपीओ 2010 से अलग राज्य फ्रंटियर नागालैंड की मांग कर रहा है। बता दें कि नागालैंड विधानसभा में ईएनपीओ की 20 सीटें हैं।
हालांकि चुनाव आयोग ने पोलिंग बूथों पर पूरी व्यवस्था की थी। नागालैंड के अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी आवा लोरिंग ने एक बयान मे कहा कि नागालैंड के उन सभी छह जिलों के 738 मतदान केंद्रों पर चुनाव अधिकारी तैनात थे, जहां मतदान के बहिष्कार की घोषणा की गई थी।
ये हैं 6 जिले जहां लोगों ने नहीं किया मतदान
जिन जिलों को लेकर अलग राज्य की मांग हो रही है, उनमें नागालैंड के मोन, तुएनसांग, लॉन्गलेंग, किफिरे, शामतोर और नोक्लाक के छह जिले शामिल हैं। स्थानीय संगठनों ने इस जिलों को विकास के कई मोर्चों पर उपेक्षित रखने का आरोप लगाया है।












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