पोलिंग बूथ पर क्या-क्या होगी सुविधा? दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के महापर्व की कैसे हुई तैयारी, EC ने बताया
Lok Sabha Chunav 2024 Dates: भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) के मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने लोकसभा चुनाव 2024 के कार्यक्रमों की घोषणा कर दी है। राजीव कुमार ने कहा कि, 19 अप्रैल से 1 जून तक 7 चरणों में लोकसभा चुनाव के लिए वोटिंग होगी। वोटों की गिनती 4 जून को होगी।
राजीव कुमार ने पीसी में ये भी बताया कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के महापर्व की तैयारी करने में चुनाव आयोग को क्या-क्या चुनौतियों का सामना करना पड़ा है और चुनावकर्मियों ने कैसे इसे अपनी बहादुरी से कम किया है। तो आइए जानें चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर क्या-क्या तैयारियां की हैं?

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा, "हम देश को वास्तव में उत्सवपूर्ण, लोकतांत्रिक माहौल देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 17वीं लोकसभा का कार्यकाल 16 जून 2024 को खत्म होने वाला है। आंध्र प्रदेश, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम की विधानसभाओं का कार्यकाल भी जून 2024 में खत्म हो रहा है। जम्मू-कश्मीर में चुनाव होने वाले हैं।"
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा, हमनें 2 साल से बहुत कड़ी मेहनत की है। हमारी मेहनत जारी है और आगे भी जारी रहेगी। आप सभी से उम्मीद है कि इस चुनाव में हिस्सा लें और ज्यादा से ज्यादा वोट दें।
Polling Booth Facilities: पोलिंग बूथ पर क्या-क्या रहेगी सुविधा?
- हर बूथ पीने का पानी होगा
- महिला और पुरुष के लिए अलग-अलग टॉयलेट होगा
- विकलांगों के लिए अलग से व्यवस्था की जाएगी, उनके लिए व्हीलचेयर की सुविधा होगी।
- हर तरह की पोलिंग बूथ पर सारी बेसिक सेवाएं रहेंगी।
- पोलिंग बूथ पर हर तरह की जानकारी देने के लिए एक कर्मी को रखा जाएगा।
- मतदान केंद्र पर कचरा नहीं होगा
- कॉन्ट्रेक्ट स्टाफ या वॉलंटियर चुनाव ड्यूटी में इस बार नहीं लगाए जाएंगे
- बुजुर्गों के बैठने के लिए अलग से व्यवस्था की जाएगी।
चुनाव आयोग 4Ms के तहत इस बार करेगा काम, जानिए क्या है ये?
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीईसी राजीव कुमार ने कहा, 4Ms यानी बाहुबल, पैसा, गलत सूचना, एमसीसी उल्लंघन (muscle, money, misinformation, MCC violation) की चुनौतियों के बारे में बात करते हुए कहा कि, चुनाव आयोग हिंसा को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है। कुछ अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर ड्रोन आधारित जांच होगी, देश भर में चौकियों का एक नेटवर्क स्थापित किया गया है।
पैसे का दुरुपयोग रोकने के लिए चुनाव आयोग हर राज्य में अलग-अलग तरह से काम करेगा। इसके लिए चुनाव आयोग पहले ही एजेंसियों के साथ बैठक कर चुका है। मुफ्तखोरी पर लगाम कसने के लिए इस बार हमने अलग से तैयारी की है। बैंक संदिग्ध लेनदेन की दैनिक रिपोर्ट भी हमारे पास इस बार रहेगी।
सीईसी ने कहा कि आईटी अधिनियम का उपयोग करके गलत सूचना को फैलाने से भी रोका जाएगा। हर राज्य में को फर्जी सोशल मीडिया पोस्ट को हटाने के लिए कहा गया है। चुनाव आयोग अपनी साइट पर 'Myth versus Reality' अभियान भी लॉन्च करेगा।












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