Lok Sabha Chunav: 3 चरणों में 200 सीटें मिलने का दावा, BJP को आगे किन राज्यों से है 400 पार करने की उम्मीद?
Lok Sabha Election: लोकसभा चुनाव का तीसरा चरण 13 मई को होना है। अबतक हुए तीन चरणों के चुनाव में आधे से ज्यादा यानी 283 सीटों पर वोटिंग हो चुकी है। भाजपा इस चुनाव में एनडीए के लिए 400 से ज्यादा सीटें जीतने का लक्ष्य लेकर चल रही है। उसका दावा है कि वह अबतक 200 के लगभग सीटों में आगे हो चुकी है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित साह ने अंग्रेजी अखबार इकोनॉमिक टाइम्स को एक विस्तृत इंटरव्यू दिया है। इसमें उन्होंने दावा किया है कि अभी तक हुए तीन चरणों के चुनाव में उनके गठबंधन को 175 से 200 तक सीटें मिलनी चाहिए। इसके साथ ही वह 400 पार के लक्ष्य पर भी कायम हैं। उन्होंने बताया है कि किन राज्यों में भाजपा बहुत अच्छा प्रदर्शन करने जा रही है।

तीन चरणों को मिलाकर 75-200 सीटों की रेंज में होना चाहिए-अमित शाह
अमित शाह ने कहा, 'अभी एकदम से तीन चरणों का आकलन करना मुश्किल है। तीसरे चरण में तो मैं अपने ही चुनाव में व्यस्त था। लेकिन, मुझे विश्वास है कि सभी तीनों चरणों को मिलाकर जोड़ें तो हमें 175-200 सीटों की रेंज में होना चाहिए। इसलए हां, इस चुनाव में 400 पार होगा।'
अमित शाह गुजरात की गांधीनगर लोकसभा सीट से दूसरी बार चुनाव लड़ रहे हैं। इस सीट पर 7 मई को वोट डाले गए हैं।
पंजाब में फायदा मिलेगा- अमित शाह
इस चुनाव में बीजेपी को किन राज्यों में फायदा मिलने या अच्छी सफलता की उम्मीद नजर आ रही है। इसके बारे में अमित शाह ने कहा है कि उन्हें पंजाब में फायदा मिलेगा, भले ही यह सांकेतिक हो, लेकिन अच्छी शुरुआत होगी। उन्होंने पूर्वोत्तर में अपनी संख्या कायम रखने का भी भरोसा जताया है।
बीजेपी को इन राज्यों में बड़ी बढ़त मिलने का दावा
लेकिन,उन्होंने पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में बड़ी बढ़त मिलने का दावा किया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में और भी सीटें बढ़ने की बात कही है। तमिलनाडु और केरल के लिए उनका कहना है कि इन दोनों राज्यों में भाजपा का वोट शेयर तो बढ़ेगा ही, उसे सीटें भी मिलेंगी।
कांग्रेस के मेनिफेस्टो पर सवाल
कांग्रेस मेनिफेस्टो पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हमले पर विपक्ष की आलोचना को लेकर उनका कहना है कि 'अगर कांग्रेस कहती है कि वह इस देश में पर्सनल लॉ लाएगी, तो किसी भी 'पंथ निरपेक्ष' समाज को इसपर बहस करनी चाहिए। मैं सेक्यूलर शब्द नहीं उपयोग करता, लेकिन किसी भी 'पंत निरपेक्ष' देश में धर्म के आधार पर कानून कैसे लागू किया जा सकता है?'
'संविधान में धार्मिक आधार पर आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं'
उन्होंने कहा, 'क्या यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) होना चाहिए या नहीं? अगर कोई कहता है कि यह चर्चा सांप्रदायिक आधार पर है तो मैं कहता हूं कि यह सांप्रदायिक लाइन पर नहीं है।.....अपने संविधान में धार्मिक आधार पर आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है। अब अगर कोई राजनीतिक दल कहता है कि हम धार्मिक आधार पर आरक्षण का प्रावधान करेंगे तो हम इससे सहमत नहीं हैं। हमने जनता के सामने यह स्पष्ट कर दिया है।'
लोकसभा की 543 सीटों में से बाकी बची सीटों पर अगले चार चरणों में- 13 मई, 20 मई, 25 मई और 1 जून को चुनाव होने हैं। वोटों की गिनती 4 जून को होगी।












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