सोनिया का रोल मंजूर नहीं, आडवाणी बनेंगे स्पीकर!

lk advani
नयी दिल्ली। लोकसभा चुनाव के बाद आए एग्जिट पोल के आंकड़ों पर ही भरोसा कर भारतीय जन ता पार्टी सरकार बनाने की रणनीति में जोर-शोर से जुट गई हैष विभागों का बंटवारा तक होने लगा है। इस बीच हमेशा की तरह भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के रोल को लेकर पेंच फंस गया है। उनकी वरिष्ठता को देखते हुए पार्टी उन्हें यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी वाले रोल में रखना चाहती थी, लेकिन आडवाणी को ये मंजूर नहीं है।

पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को उनके कद को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष बनाने की पेशकश करने का फैसला किया गया है। सुषमा स्वराज व मुरली मनोहर जोशी सरकार भावी सरकार में रहेंगे, लेकिन रायसीना हिल के सीमित मंत्रालयों में उनको शामिल करने पर अभी फैसला नहीं हो पाया है।

दिल्ली की नई सरकार की शक्लो सूरत तय करने के लिए मोदी ने गांधीनगर में बैठक की। इस बैठक में पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और अरुण जेटली शामिल हुए। 4 घंटे तक चली इस बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता आडवाणी और जोशी को नई भूमिका देने पर बहस चली। राजनाथ सिंह ने कहा कि चुनाव प्रचार के बाद सभी नेता एक साथ नहीं बैठ पाए थे, इसलिए ये मौका निकाला गया। राजनाथ ने दावा किया कि मोदी ही देश के अगले प्रधानमंत्री बनेंगे।

संघ नेतृत्व ने नरेंद्र मोदी को सरकार बनाने की खुली छूट दे दी है। संघ ने यह साफ कर दिया है कि सरकार में दो शक्ति केंद्र नहीं होंगे। आडवाणी अभी एनडीए के कार्यकारी अध्यक्ष और बाजपा संसदीय दल के अध्यक्ष हैं। खबर ये है कि अगर मोदी की सरकार बनती है तो उनके पास दोनों ही भूमिकाएं नहीं रहेगी। ऐसे में उनको लोकसभा अध्यक्ष बनने की पेशकश की गई है, जो न केवल संवैधानिक पद है, बल्कि संसद में प्रोटोकाल में प्रधानमंत्री के ऊपर भी है। बाद में उनको राष्ट्रपति बनाने का विकल्प भी रखा गया है।

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